कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने साथ छोड़ पकड़ा बीजेपी का हाथ

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने और पूर्व सांसद राजेश मिश्रा (Rajesh Mishra) ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का हाथ थाम लिया है।

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लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) को लेकर राजनीतिक पार्टिया खूब जोरो -शोरो से लगी हुई है। वही चुनाव से पहले नेताओं का दलबदल का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने और पूर्व सांसद राजेश मिश्रा (Rajesh Mishra) ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का हाथ थाम लिया है। वाराणसी लोकसभा सीट से सांसद रहे राजेश मिश्रा को रविशंकर प्रसाद और अरुण सिंह ने पार्टी की सदस्यता दिलाई। माना जा रहा है कि राजेश मिश्रा, भदोही लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।

बीजेपी में शामिल होने के बाद राजेश मिश्रा ने कहा कि मेरी कोशिश होगी की इस बार बनारस लोकसभा सीट पर विपक्ष के दल का जो प्रत्याशी होगा उसको पोंलिग एजेंट नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि ये सौभाग्य की बात है कि मोदी जी वाराणसी के सांसद है। पूरे दुनिया में मोदी जी ने देश का नाम रौशन किया है।

राजेश मिश्रा साल 2004 से 2009 के बीच वाराणसी से सांसद रहे हैं। अजय राय के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद ही राजेश मिश्रा ने पार्टी पर सवाल खड़े किए थे। जानकारी के अनुसार, वे भदोही सीट से टिकट मांग रहे थे, लेकिन सपा से गठबंधन की वजह से यह सीट कांग्रेस के पाले में नहीं आई। राजेश मिश्रा ने कहा कि यूपी में कांग्रेस ने सपा के सामने समर्पण कर दिया, चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार तक नहीं हैं। इतना ही नहीं उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर भी सवाल उठाए और कहा कि जाति का मुद्दा उठाना उचित नहीं है।

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