पहलवान बजरंग पुनिया (Bajrang Punia) और केरल के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एनसी अस्थाना के बीच सोमवार को ट्विटर पर तीखी नोक-झोंक हुई, जिसके बाद अस्थाना ने चेतावनी दी कि अगर जरूरत पड़ी तो पुलिस प्रदर्शनकारी पहलवानों पर गोलियां चलायेगी। अस्थाना के ट्वीट का जवाब देते हुए पुनिया (Bajrang Punia) ने कहा कि वह अपने सीने में गोली खाने के लिए तैयार हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रविवार को उद्घाटन किए गए नए संसद भवन से बमुश्किल तीन किलोमीटर दूर जंतर-मंतर पर धरना स्थल पर अराजक दृश्य देखने के बाद दोनों के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया। धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों ने एक-दूसरे को धक्का दिया। फोगट बहनों, साक्षी मलिक और अन्य ने बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश की।
पहलवानों और अन्य प्रदर्शनकारियों को बसों में धकेल कर अलग-अलग स्थानों पर ले जाने के तुरंत बाद, पुलिस कर्मियों ने पहलवानों के अन्य सामानों के साथ चारपाई, गद्दे, कूलर, पंखे और तिरपाल की छत को हटाकर विरोध स्थल को साफ करना शुरू कर दिया।
बाद में रविवार रात अस्थाना ने एक न्यूज रिपोर्ट को रीट्वीट करते हुए हिंदी में लिखा, ‘जरूरत पड़ी तो गोली भी चला दूंगा, लेकिन आपके कहने के कारण नहीं। अभी उन्हें घसीट कर कूड़े के ढेर की तरह फेंक दिया गया है। अनुच्छेद 129 पुलिस को गोली मारने का अधिकार देता है। अनुकूल परिस्थिति में वह इच्छा भी पूरी होगी। लेकिन यह जानने के लिए शिक्षित होना जरूरी है। पोस्टमॉर्टम टेबल पर फिर मिलते हैं!”
एक अन्य ट्वीट में पूर्व डीजीपी ने कहा, ‘कुछ मूर्ख पुलिस के गोली मारने के अधिकार पर संदेह करते हैं। अगर आप अंग्रेजी पढ़ सकते हैं तो अखिलेश प्रसाद के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पढ़िए। वे अनपढ़ जो पढ़ नहीं सकते, इस अधिकार की परीक्षा न लेने में ही भलाई है। पत्नियाँ विधवा होंगी और बच्चे अकारण अनाथ! सेहतमंद रहें।”
पूर्व आईपीएस अधिकारी के ट्वीट से परेशान पुनिया (Bajrang Punia), भारत के शीर्ष पहलवानों में से एक, जो भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं, जिन्होंने कथित रूप से महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न किया, उन्होंने अस्थाना को चुनौती दी।
पुनिया ने हिंदी में ट्वीट किया, “यह आईपीएस अधिकारी हमें गोली मारने की बात कर रहा है। भाई, मैं यहाँ सामने खड़ा हूँ। बोलो कहां आऊं… कसम है पीठ नहीं दिखाऊंगा, तेरी गोली सीने पर लूंगा। यही तो रह गया, अब यही हमसे करना ठीक है।”
अस्थाना की इस टिप्पड़ी की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी आलोचना की थी। चतुर्वेदी ने ट्वीट में लिखा, “पूर्व आईपीएस अधिकारी, अब एक पूर्णकालिक अभद्र व्यक्ति। इतनी नेक सेवाओं के लिए हमारे देश का प्रशिक्षण कहाँ और कब गलत हो गया?”
पहलवान विनेश फोगट, साक्षी मलिक और पुनिया सहित अन्य प्रदर्शनकारियों पर दंगा करने और सुरक्षाकर्मियों के साथ हाथापाई के बाद लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया था, जिन्होंने उन्हें नए संसद भवन की ओर जाने से रोकने की कोशिश की थी, क्योंकि इसका उद्घाटन किया जा रहा था।
पुलिस ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में 700 लोगों को हिरासत में लिया गया है। जंतर मंतर पर तीन पहलवानों सहित 109 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। देर शाम महिला बंदियों को रिहा कर दिया गया।




