दो जून को ओडिशा में हुए भीषण ट्रेन हादसे की शिकार हुई कोरोमंडल एक्सप्रेस (Coromandel Express) वापसी कर रही है। भयंकर हादसे के पांच दिन बाद कोरोमंडल एक्सप्रेस (Coromandel Express) का सफर आज फिर से शुरू हो रहा है। ट्रेन अपने तय समय से आज से ट्रैक पर लौट रही है। रेलवे की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक कोरोमंडल एक्सप्रेस (Coromandel Express) बुधवार से फिर अपने तय टाइम टेबल के अनुसार शुरू हो जाएगी। आज अपने तय वक्त पर कोरोमंडल एक्सप्रेस (Coromandel Express) शालीमार से चेन्नई के लिए रवाना होगी। दक्षिण पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी आदित्य चौधरी ने इस बारे में पूरी जानकारी दी है।
पहले की तरह उसी ट्रैक पर दौड़ेगी ट्रेन
रेलवे के पीआरओ के अनुसार, कोरोमंडल एक्सप्रेस (Coromandel Express) की टाइमिंग या रूट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ट्रेन पहले की तरह उसी रूट से चलेगी। आज ये ट्रेन दोपहर 3.20 बजे शालीमार से चलेगी। पूरा रूट क्लियर किया जा चुका है। 2 जून को हुए ट्रेन हादसे के बाद ये ट्रैक बाधित हो गया था। रेल मंत्री की मौजूदगी में रविवार को रात 10.40 बजे सबसे पहले इस रूट पर मालगाड़ी चलाई गई।
इसके बाद इस ट्रैक पर सोमवार सुबह को वंदे भारत एक्सप्रेस भी चली। अब कोरोमंडल एक्सप्रेस फिर से अपनी पहले की रफ्तार के साथ आज से पटरी पर दौड़ेगी। दरअसल 2 जून को हादसे की शिकार हुई कोरोमंडल एक्सप्रेस बालासोर के पास मालगाड़ी से टकरा गई थी। तीन ट्रेनों में ढ़ाई सौ से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। एक हजार से अधिक लोग घायल हो गए थे।
जाने कोरोमंडल एक्सप्रेस की हिस्ट्री
कोरोमंडल एक्सप्रेस (Coromandel Express) दक्षिण भारत की प्राइम ट्रेनों में से एक है। साल 1977 में इसकी शुरुआत हुई थी। तमिलनाडु के महान चोल वंश ने जिस भूमि पर राज किया था उसे तमिल में चोलमंडलम कहते हैं। इसी से कोरोमंडल शब्द आया है। यह ट्रेन साउथ ईस्टर्न रेलवे जोन का हिस्सा है। यह ट्रेन 1662 किमी का सफर 25 घंटे 30 मिनट में पूरा करती है। इसकी अधिकतम रफ्तार 130 किमी प्रति घंटे है।
शालीमार से चेन्नई जाते समय इसे सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाती है। इसे किंग ऑफ साउथ ईस्टर्न रेलवे (King of South Eastern Railway) भी कहा जाता है। यह ट्रेन आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से चेन्नई के बीच नॉन-स्टॉप चलती है। विजयवाड़ा और विशाखापटनम के बीच यह केवल दो स्थानों एलूरू और राजामुंद्री में इसका स्टॉपेज है। इसके अलावा ब्रह्मपुर, खुर्दा रोड, भुवनेश्वर, कटक, भद्रक, बालासोर और खड़गपुर में रुकती है। इस ट्रेन के आंध्र प्रदेश में पांच, ओडिशा में सात और पश्चिम बंगाल में केवल दो स्टॉप हैं।














