अमृतसर में रची 62 लाख की डकैती की झूठी कहानी

पिता-पुत्र को पुलिस ने किया गिरफ्तार। रिश्तेदारों के पैसे देने से बचने के लिए बनाई थी झूठी डकैती की योजना।

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Amritsar: पिछले दिनों अमृतसर (Amritsar) रामतीर्थ बाईपास पर 62 लाख रुपये की लूट का मामला सामने आया था, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विकासबीर सिंह और बख्ताबर सिंह के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी। अब 62 लाख की डकैती करने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और इस मामले में एक नया मोड़ देखने को मिला है। इस बात की जानकारी एसीपी वेस्ट अमृतसर सरबजीत सिंह बाजवा ने दी। डकैती नहीं हुई थी लेकिन फिर भी शिकायतकर्ता पिता-पुत्र ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी।

दरसअल पिता पुत्र ने जो कहानी सुनायी थी उसके अनुसार पिता पुत्र 62 लाख रुपये निकालकर फॉर्च्यूनर से अपने घर जा रहे थे। माहल बाइपास के पास मुंह बांधे हुए इनोवा और वर्ना कारों से कुछ अज्ञात लोगों ने पिस्तौल की नोक पर 62 लाख रुपये उनसे लूट लिए। जब पुलिस को घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए। फॉर्च्यूनर गाड़ी के आगे कोई इनोवा या वर्ना नहीं मिली।

मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने पिता-पुत्र से सख्ती से पूछताछ की तो पता चला कि 62 लाख रुपये उसके जीजा अरमिंदर पाल सिंह रंधावा के हैं। उक्त सरबजीत सिंह ने अपनी लगभग 6 किल्ले 3 कनाल जमीन ग्राम भकना कलां को गुरसेवक सिंह निवासी भकना कला को बेच दी थी तथा इस भूमि की पावर ऑफ अटार्नी उक्त विकासबीर सिंह को दे दी थी, जिसकी कीमत विकासबीर सिंह के खाते में लगभग 58 लाख रूपये थी। चेक ट्रांसफर होने के बाद गुरसेवक सिंह ने बाकी 62 लाख रुपये विकासबीर सिंह को दे दिए। जिसे विकासबीर सिंह ने 58 लाख रुपये सरबजीत सिंह के अकाउंट नंबर पर ट्रांसफर कर दिए और बाकी 62 लाख रुपये अपने पास रख लिए। जब इस घटना की तकनीकी तरीके से जांच की गई तो पता चला कि विकासबीर सिंह और उसके बेटे बख्तावर सिंह ने सरबजीत सिंह से 62 लाख रुपये ऐंठने के लिए यह झूठी कहानी बनाई थी और पुलिस को सूचित किया था। बख्तावर सिंह के खिलाफ उक्त मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

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