कौशाम्बी: शीत लहर के दृष्टिगत सेल्टर होम/रैन बसेरों की व्यवस्था को लेकर डीएम ने दिए निर्देश

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Kaushambi

Kaushambi: अपर जिलाधिकारी अरूण कुमार गोंड ने शासनादेशानुसार समस्त उपजिलाधिकारियों, तहसीलदार, जिला कृषि अधिकारी एवं समस्त अधिशासी अधिकारियों को जनपद में वर्तमान में रात्रि में ठण्ड में बढ़ोत्तरी देखी जा रहीं है। शीत लहरी/ठण्ड/पाला से निराश्रित/असहाय/कमजोर, गरीब/व्यक्तियों/परिवारों को राहत पहुॅचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दियें हैं।

अपर जिलाधिकारी ने निम्नानुसार आवश्यक दिशा-निर्देश दियें है- ठण्ड के मौमें सड़क पर कोई भी व्यक्ति सोता हुआ नजर न आये। हर जरूतमन्द को रैन बसेरे की सुविधा उपलब्ध हो। उपजिलाधिकारी व अधिशासी अधिकारी नियमित निरीक्षण करें तथा अवश्यकतानुसार सुधार करायें। सभी रैन बसेरों में साफ-सफाई सेनेटाइजेशन सुनिश्चित किया जा जाय। रैन बसेरों में बिस्तर आदि का पर्याप्त प्रबन्ध हो। पुलिस द्वारा रैन बसेरों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक प्रबन्ध किये जाय। आवश्यकतानुसार अस्थाई रैन बसेरे भी बनाए जाय।

पूर्व वर्षों की भांति सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की समुचित व्यवस्था हो। जिला प्रशासन के सहयोग से प्रत्येक जरूतमन्द, निर्धन, निराश्रित व्यक्ति को कम्बल आदि उपलब्ध कराया जाय। समस्त चिकित्सायलयों, बस रेलवे स्टेशनों, श्रमिकों के कार्य स्थलों एवं बाजारों में अनिवार्य रूप से रैन बसेरों/शेल्टर होम संचालित किये जायं। रैन बसेरों/शेल्टर होम में ऐसे जरूरतमन्द व्यक्तियों, जिनके पास ठहरने की सुविधा नहीं है तथा विशेष रूप से जो चिकित्सा एवं रोजगार आदि के लिए बाहर से आये है, उन्हें खुले में अथवा फुटपाथ एवं सड़को के डिवाइडर पर न सोना पड़े, बल्कि निकट स्थिति रैन बसेरों में रहने की पूर्ण सुविधा उपलब्ध करायी जाय। रैन बसेरों/शेल्टर होम में रूकने वाले व्यक्तियों को ठण्ड से बचाने एवं आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए समस्त उपाय यथा-साफ-साफई, स्वच्छ बेडशीट, कम्बल, गरम पानी, शौचालय, प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था आदि का प्रबन्ध किया जाय। बेडशीट, कम्बल इत्यादि की सफाई धुलाई नियमित रूप से करायी जाय।

रैन बसेरों शेल्टर होमों में महिलाओं एवं पुरुषों के सोने व शौचालय आदि की भी अलग-अलग व्यवस्था की जाय। समस्त रैन बसेरों/शेल्टर होमों में केयर टेकर भी तैनात किये जाय, जिसका नाम, पदनाम, मोबाइल नं०, रैन बसेरों, शेल्टर होम के गेट पर अवश्य दर्शाया जाय। रात्रि में जनपद/तहसील/निकाय के वरिष्ठ अधिकरियों द्वारा रैन बसेरों/शेल्टर होमों का औचक निराक्षण अवश्य किया जाय। रैन बसेरों/शेल्टर होम के केयर टेकर के पास निरीक्षण रजिस्टर भी रखा जाय, जिसमें निरीक्षण अधिकारी अपनी टिप्पणी भी अंकित करें। समस्त निकायों द्वारा सुनिश्चित किया जाय, कि उनके क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति खुले में न सोये। प्रथक रेस्पोन्स टीमों का गठन कर लिया जाय। अलाव जलाने वाले स्थानों व रैन बसेरों शेल्टर होम पर यह भी सुनिश्चित किया जाय कि आलाव की व्यवस्था से अग्निकाण्ड जैसी कोई भी अप्रिय घटना न हो तथा अग्निशमन के पर्याप्त प्रबन्ध हो। ठण्ड/पाला/कोहरे से फसलों के बचाव के लिए कृषि विभाग द्वारा किसानों को व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाय।

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