रामपुर: मुस्लिम स्वास्थ्यकर्मी बने सहपाठी के लिए संकट मोचक

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Rampur: सियासत को लहू पीने की लत है वरना मुल्क में सब खैरियत है। जी हां किसी शायर के इस मशहूर शेर की पंक्तियां जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे रामपुर (Rampur) के जिला अस्पताल में तैनात बड़े बाबू को रक्तदान करने वाले हिंदू मुस्लिम सहपाठियों की कारगुजारी पर उपयुक्त नजर आती हैं। हिंदू मुस्लिम स्वास्थ्य कर्मियों ने एक साथ मिलकर अपने विभाग के बड़े बाबू को अपना खून देकर संकट मोचक की भूमिका अदा की है।

उत्तर प्रदेश के रामपुर (Rampur) जिला अस्पताल में बड़े बाबू के पद पर तैनात विजेंद्र सिंह कुछ समय से लीवर की गंभीर बीमारी से ग्रस्त हो गए। उनकी जिंदगी पर खतरा मडराने लगा। लीवर का फरीदाबाद (Faridabad) स्थित एक बड़े स्वास्थ्य केंद्र ट्रांसप्लांट होना था लेकिन उसके ऑपरेशन के लिए 28 यूनिट खून की जरूरत थी। लिहाजा उनको खून देने की चर्चा जिला अस्पताल में शुरू हो गई। इसके बाद 15 स्वास्थ्य कर्मियों ने उन्हें अपना खून देने की इच्छा जताई।

रक्तदान दाताओं के रूप में 15 स्वास्थ्य कर्मियों को फरीदाबाद भेजा गया, जहां पर 13 रक्तदान दाताओं ने अपना खून दान दे दिया। इसके बाद बड़े बाबू का लीवर ट्रांसप्लांट ऑपरेशन कामयाब रहा और वह खतरे से बाहर आ गए। यहां पर दिलचस्प बात यह रही कि 13 रक्तदान दाताओं में से 9 मुस्लिम स्वास्थ्य कर्मी थे। स्वास्थ्य कर्मियों की इस अनूठी पहल की हर तरफ चर्चा हो रही है और जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ एच.के मित्रा इन सभी के इंसानियत भरे कृत्य की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। वही इन सभी रक्तदानदाता स्वास्थ्य कर्मियों के रक्तदान करने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी के साथ वायरल हो रहा है।

रक्तदान करने वालों में साजिद, नावेद, आरिश, फ़रमान, सुधांशु शुक्ला, अब्दुल सबूर, सुमित, रिज़वान, विवेक, इमरान जैदी, अभिषेक खान, आरिश, आकाश और रंजीत आदि शामिल रहे।

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