कौशाम्बी: जिलाधिकारी (District Magistrate) सुजीत कुमार ने सम्बन्धित अधिकारियों के साथ मुख्य चिकित्साधिकारी सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी की मंशानुसार सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं स्टॉफ अपने तैनाती स्थल पर निवास करना सुनिश्चित करें, अन्यथा आपके विरूद्ध कार्यवाही की जायेंगी।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आई0जी0आर0एस0 के तहत प्राप्त शिकायतों का निस्तारण समयान्तर्गत एवं गुणवत्तापूर्ण सुनिश्चित किया जाय, कोई भी शिकायत डिफाल्टर न होने पाये। उन्हांने परिवार कल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव में प्रगति लाने तथा जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों एवं आशाओं का भुगतान शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराने के निर्देश दियें। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी से कहा कि जिन उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर एएनएम का पद रिक्त है, उन सभी उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर एएनएम की तैनाती सुनिश्चित की जाय।
उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि कार्य-योजना बनाकर नियमित टीकाकरण में प्रगति लायी जाय तथा आर0सी0एच0 पोर्टल पर समय से फीडिंग सुनिश्चित किया जाय। उन्हाोंने ई-कवच पोर्टल पर भी फीडिंग में प्रगति लाने के निर्देश दियें। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाय कि ऑगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा लाभार्थियों को नियमित रूप से राशन का वितरण सुनिश्चित किया जाय।
जिलाधिकारी (District Magistrate) ने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि कोल्ड चैन को मानक के अनुसार व्यवस्थित रखा जाय। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को आशाओं एवं एएनएम के साथ साप्ताहिक बैठक कर कार्यों में प्रगति में लाने के निर्देश दियें। उन्होने पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत नियमित रूप से अल्ट्रासाउण्ड सेन्टरों की जॉच करने के भी निर्देश दियें। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अप्रैल माह में 16 बच्चे जन्मजात दोष वाले चिन्हित किये गये, जिस पर जिलाधिकारी ने आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कराने के निर्देश दियें।
बैठक में बताया गया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत अप्रैल माह में 29887 गोल्डेन कार्ड बनाये गये तथा अप्रैल माह तक कुल 270492 गोल्डेन कार्ड बनाये जा चुकें हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने गोल्डेन कार्ड बनाये जाने के कार्य में और तेजी से प्रगति लाने के निर्देश दियें।
जिलाधिकारी (District Magistrate) द्वारा राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, हेल्थ एवं वेलनेस सेन्टर, मातृ-मृत्यु सूचना एंव आडिट, प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान, राष्ट्रीय कुष्ठ रोग कार्यक्रम एवं क्षय रोग नियन्त्रण कार्यक्रम आदि की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 रवि किशोर त्रिवेदी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 सुष्पेन्द्र कुमार एवं सी0एम0एस0 सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहें।




