उत्तराखंड राज्य में आज सरकार समान नागरिक संहिता पर करेगी विधेयक पेश

ड्राफ्टिंग कमेटी ने UCC के ड्राफ्ट को 2 फरवरी को मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) को सौंपा था।

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उत्तराखंड विधानसभा (Uttarakhand Assembly) के विशेष सत्र के दूसरे दिन मंगलवार यानि आज राज्य सरकार समान नागरिक संहिता पर विधेयक पेश करेगी। उत्तराखंड कैबिनेट ने इस बिल को मंजूरी दे दी है। ड्राफ्टिंग कमेटी ने UCC के ड्राफ्ट को 2 फरवरी को मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) को सौंपा था। सोमवार से उत्तराखंड विधानसभा सत्र शुरू हो गया है। अब ड्राफ्ट सदन में रखा जाएगा।

ड्राफ्ट में करीब 10 फीसदी परिवारों के विचारों को सम्मिलित किया गया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने सोमवार को कहा, ‘समान नागरिक संहिता की लंबे समय से सबको प्रतीक्षा थी। बहुत जल्द सबकी प्रतीक्षा समाप्त हो रही है। मंगलवार को हम इसे विधानसभा में पेश करेंगे और आगे इस पर चर्चा होगी। मेरा अन्य दलों के साथियों से भी अनुरोध है कि इस चर्चा में सकारात्मक रूप से भाग लें।’

यूसीसी पर चार खंडों और 740 पृष्ठों के ड्राफ्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय समिति ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी को सौंपा था। इसके बाद उत्तराखंड कैबिनेट ने रविवार को यूसीसी के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी थी। यूसीसी को लेकर 2 लाख 33 हजार लोगों ने अपने विचार दिए थे। ड्राफ्ट में करीब 10 फीसदी परिवारों के विचारों को सम्मिलित किया गया है।

जाने UCC बिल से क्या बदलेगा?

  • 18 वर्ष से पहले लड़कियों की शादी नहीं हो पाएगी। शादी का रजिस्ट्रेशन- विवाह का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा।
  • तलाक पर समान अधिकार- तलाक के लिए पति-पत्नी को बराबर का हक होगा।
  • बहु विवाह पर रोक- एक पति या पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी नहीं होगी।
  • लिव इन रिलेशन- लिव इन रिलेशनशिप का डिक्लेरेशन देना जरूरी होगा।
  • जनजातियां- अनुसूचित जनजातियों के लोग यूसीसी से बाहर रहेंगे।

सदन में बीजेपी के पास बहुमत है, इसलिए यूसीसी के विधेयक का पारित होना तय माना जा रहा है। बीजेपी के सदन में 47 विधायक हैं। साथ ही उसे दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन है। UCC ड्रॉफ्टिंग कमेटी ने 72 बैठकें की हैं। माना जा रहा है ड्राफ्ट में पारंपरिक रीति रिवाज से छेड़छाड़ नहीं की गई है और यह पूरा ड्राफ्ट महिला केंद्रित होगा। साथ ही संभावना जताई जा रही है कि इससे बहुविवाह पर रोक लगेगी।

वही सरकार ने साफ कर दिया है कि इस बिल से किसी का नुकसान नहीं होगा। वहीं, विरोध प्रदर्शन को देखते हुए विधानसभा के आस-पास धारा 144 लगा दी गई है।विधानसभा आने जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाई गई है।

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