चीन ने अपने घनिष्ट मित्र पाकिस्तान को एक बहुत बड़ा झटका दे दिया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पाकिस्तानी आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की (Abdul Rehman Makki) को ग्लोबल आतंकी घोषित कर दिया है|
दरअसल, अब्दुल रहमान को वैश्विक आतंकी घोषित करने के मामले पर चीन हमेशा बाधा डालता आया था लेकिन चीन ने अब इससे अपना हाथ पीछे खींच लिया है। यूएन ने अब्दुल रहमान को आईएसआईएल और अल कायदा प्रबंध समिति के तहत आतंकी घोषित किया है।
मक्की को आतंकी घोषित करने में चीन ने डाली थी बाधा
बीते साल जून में भारत अब्दुल रहमान मक्की को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के लिए यूएन में प्रस्ताव लाया था, लेकिन चीन ने इस पर अड़ंगा लगा दिया था। जिस वजह से अब्दुल रहमान को वैश्विक आतंकी घोषित नहीं किया जा सका था।
इसको लेकर भारत ने चीन को लताड़ भी लगाई थी। अमेरिका और भारत अब्दुल रहमान मक्की को पहले ही वैश्विक आतंकी घोषित कर चुका है।
अब्दुल रहमान पर लगेंगे कई तरह के बंदिश
यूएन ने इस संबंध में एक बयान जारी किया है। बयान में कहा गया कि, यूएन की समितियों ने 16 जनवरी 2023 को अब्दुल रहमान मक्की को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया है| इसके बाद देशभर में अब्दुल रहमान की संपत्ति को फ्रीज किया जा सकेगा। इसके अलावा अब्दुल रहमान मक्की की यात्रा पर भी बंदिश लगेगा|
हाफिज सईद का रिश्तेदार है मक्की
जमात-उद-दावा (Jamaat-ud-Dawa) और लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) का डिप्टी चीफ अब्दुल रहमान मक्की 26/11 आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का बहनोई है। बताया जाता है कि, लश्कर-ए-तैयबा की फंडिंग में उसकी अहम् भूमिका रही है|
अब्दुल रहमान मक्की मुंबई बम धमाकों में भी शामिल रह चुका है। उस पर जम्मू-कश्मीर के युवाओं को गुमराह करने और उन्हें आतंकी संगठन में भर्ती करने के आरोप हैं। 75 साल का अब्दुल रहमान मक्की आतंकी संगठन में विभिन्न साजिशों को भी अंजाम देता रहा है|






