विवादों में फंसे भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और बृज भूषण शरण सिंह गुरुवार को लाव लश्कर के साथ अयोध्या पहुंचे। वो अयोध्या में दिनभर अलग-अलग मंदिरों में दर्शन पूजन करते रहे। वो अयोध्या के हनुमानगढ़ी भी पहुंचे। यहां उन्होंने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष महंत ज्ञान दास का आशीर्वाद लिया। महंत ज्ञान दास उनसे बात करते हुए रोने लगे और कहा कि, सब हनुमान लला की कृपा है। इस पर बृजभूषण शरण सिंह ने साफ कहा कि, “बड़ों का काम क्षमा का होता है और छोटो का उत्पात करने का, मैं अपना काम करता रहूंगा, जिसको जो करना हो करें।”
धरने पर बैठे कुश्ती खिलाड़ियों को लेकर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि, “जिसका जो स्वभाव है वह उसी तरह आचरण करता है। मेरा स्वभाव मानव कल्याण का है। समाज कल्याण का है। बच्चों के भविष्य को सुधारने का है।” उन्होंने कहा कि, “मुझे किसी से द्वेष नहीं है मुझे कोर्ट पर भरोसा है। कोर्ट ने जो निर्णय दिया है उसके लिए धन्यवाद।”
बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या के अपने कार्यक्रम को लेकर कहा कि, “यह पहले से तय था। मैं अपने गुरु भाई महंत ज्ञान दास का आशीर्वाद लेने आया था। आप सब लोग जानते हैं अयोध्या में मेरा बचपन बीता है। हनुमान जी में मेरी बहुत आस्था है। इस दौरान बृज भूषण शरण सिंह ने श्लोक पढ़ा क्षमा बड़न को चाहिए छोटन को उत्पात का रहीम प्रभु क्या घटो जो भृग मारी लात।”




