Pakistan पर सर्जिकल स्ट्राइक का दावा, जाने क्या है पूरी सच्चाई

21 अगस्त को आतंकियों ने बालाकोट में घुसपैठ की प्रयास की थी। आतंकियों की इस घुसपैठ की प्रयास के बाद भारतीय सेना ने घुसपैठियों पर गोलीबारी की थी।

0

भारतीय सेना (Indian Army) ने पाकिस्तान (Pakistan) पर फिर से सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) किया और LoC के 2.5 किलोमीटर अंदर घुसकर एक्शन लिया। ऐसी रिपोर्ट एक अखबार में छपी खबर में दावा किया गया कि सेना ने तरकुंडी सेक्टर, भिंभर गली से LoC पार किया और सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) किया।

इसके साथ ही सेना ने कोटली में आतंकियों के 4 लॉन्च पैड तबाह किए। इस ऑपरेशन में 7 से 8 आतंकी मारे गए। सेना का शनिवार रात को एक्शन, स्पेशल फोर्स के जावनों का ऑपरेशन के बाद 12 से 15 जवान सकुशल वापस लौटे। अब भारतीय सेना ने इस खबर को पूरी तरह से निराधार और इस दावे को झूठा करार दिया है।

दरअसल, 21 अगस्त को आतंकियों ने बालाकोट में घुसपैठ की प्रयास की थी। आतंकियों की इस घुसपैठ की प्रयास के बाद भारतीय सेना ने घुसपैठियों पर गोलीबारी की थी। सेना की फायरिंग के बाद कुछ आतंकी भाग गए थे लेकिन इनमें से दो आतंकवादी ढेर हो गए थे। सेना और पुलिस के सर्च ऑपरेशन में मारे गए आतंकियों के पास से दो मैगजीन, दो हैंड ग्रेनेड और एक AK- 47 रायफल बरामद किया गया था।

भारतीय सेना ने बताया कि 21 अगस्त की सुबह, सतर्क सैनिकों ने दो आतंकवादियों को बालाकोट सेक्टर के हमीरपुर क्षेत्र में खराब मौसम, घने कोहरे, घने पत्तों और ऊबड़-खाबड़ जमीन का उपयोग करके नियंत्रण रेखा पार करने का प्रयास करते हुए देखा। जैसे ही आतंकवादी घात स्थलों के पास पहुंचे, उन्हें चुनौती दी गई और फिर उन पर प्रभावी ढंग से गोलीबारी की गई। खराब मौसम और जमीनी परिस्थितियों का फायदा उठाकर आतंकवादियों को घात स्थल से भागने के लिए मजबूर कर दिया।

हालांकि प्रभावी गोलीबारी के परिणामस्वरूप एक आतंकवादी नियंत्रण रेखा के पास जमीन पर गिर गया। फिर अतिरिक्त सैनिकों को क्षेत्र में भेजा गया और मौसम की स्थिति और दृश्यता में सुधार के बाद दोपहर में तलाशी अभियान शुरू हुआ। इलाके की तलाशी में एक एके 47 राइफल, दो मैगजीन, 30 राउंड, दो ग्रेनेड और पाक मूल की दवाएं बरामद हुईं।

खोज के दौरान एलओसी की ओर जाने वाले रक्त के निशानों का भी पता लगाया गया। खुफिया जानकारी के अनुसार घुसपैठ का प्रयास करने वाले दो आतंकवादी अपने ही सैनिकों की गोलीबारी के कारण घायल हो गए, लेकिन फिर भी नियंत्रण रेखा के पार लौटने में कामयाब रहे और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया। घुसपैठ की किसी भी कोशिश को नाकाम करने के लिए हमारी सेना लगातार अलर्ट पर है और निगरानी बनाए हुए है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here