प्रवर्तन निदेशालय ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष एवं विधायक जयंत पाटिल को धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए समन भेजा है। जयंत पाटिल, शरद पवार के करीबी माने जाते हैं। उन्हें ईडी ने शुक्रवार (12 मई) को पेश होने के लिए कहा है। जयंत पाटिल से आईएल एंड एफएस (IL&FS) मामले में पूछताछ होनी है।
एनसीपी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष को अब दिवालिया इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (आईएल एंड एफएस) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नोटिस भेजा गया है। जयंत पाटिल को कल (शुक्रवार) पूछताछ के लिए जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। जांच एजेंसी ने पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे से कोहिनूर कंस्ट्रक्शन को दिए गए ऋण के मामले में पूछताछ की, जो मुंबई के दादर में कोहिनूर स्क्वायर टॉवर का विकास कर रही है।
एनसीपी नेता जयंत पाटिल को समन ईडी द्वारा आईएल एंड एफएस के दो पूर्व लेखा परीक्षकों – बीएसआर और एसोसिएट्स, लेखा फर्म केपीएमजी के एक भारतीय सहयोगी और डेलॉइट हास्किन्स एंड सेल्स के खिलाफ छापेमारी के बाद आया है। जांच एजेंसी ने आईएल एंड एफएस पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया है। आईएल एंड एफएस के पूर्व लेखा परीक्षकों के खिलाफ जांच एजेंसी की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा बॉम्बे हाई कोर्ट के एक फैसले को रद्द करने के बाद हुई थी। जिसमें दोनों फर्मों के खिलाफ जांच रद्द कर दी गई थी।
छापेमारी के दौरान दोनों ऑडिटरों के कुछ कर्मचारियों से भी अधिकारियों ने पूछताछ की और कुछ दस्तावेज भी जब्त किए गए। आईएल एंड एफएस की कंपनियों के एक समूह के खिलाफ दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दायर एक प्रथम सूचना रिपोर्ट का संज्ञान लेने के बाद, आईएल एंड एफएस में कथित वित्तीय अनियमितताओं की मनी लॉन्ड्रिंग जांच 2019 में ईडी द्वारा शुरू की गई थी। वही इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड ने 2018 में दिवालिया होने की याचिका दायर की थी।




