यूपी की सड़को पर दौड़ेगी सौ इलेक्ट्रिक बसें, बनेंगे दस चार्जिंग स्टेशन

अधिकारियों ने कहा कि, इन ऑपरेटरों को अब उनकी गर्भावस्था के दौरान लिपिकीय कार्य सौंपा जाएगा और वे अपने करियर में दो बार इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने मंगलवार को अपनी 244 वीं बोर्ड समीक्षा बैठक में कई घोषणाएं किये। निगम ने कर्मचारियों के लिए मातृत्व विशेषाधिकारों को मंजूरी दे दी और साथ ही राज्य की राजधानी में 100 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन की शुरुआत की। प्रमुख सचिव परिवहन एल वेंकटेश्वर लू (L Venkateswara Lu) की अध्यक्षता में हुई बैठक में गर्भवती महिला संचालकों के अंतरविभागीय सहित 11 मामलों को अंतिम रूप दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि, इन ऑपरेटरों को अब उनकी गर्भावस्था के दौरान लिपिकीय कार्य सौंपा जाएगा और वे अपने करियर में दो बार इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

यूपीएसआरटीसी के बेड़े में 100 इलेक्ट्रॉनिक बसें चलाई जाएंगी

वही, अधिकारियों ने कहा कि डिपो स्तर पर बसों के रखरखाव के लिए ‘पैसे प्रति किलोमीटर की दर’ को 5 पैसे (1996 में आवंटित) से बढ़ाकर अब 7 पैसे प्रति किमी कर दिया गया है। इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि विशिष्ट मार्गों के लिए यूपीएसआरटीसी के बेड़े में 100 इलेक्ट्रॉनिक बसें चलाई जाएंगी। इन बसों को प्रति दिन कम से कम 250 किमी की दूरी तय करनी होगी और उनकी आवाजाही में सहायता के लिए, यूपी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण द्वारा प्रदान की गई सार्वजनिक निजी भागीदारी के माध्यम से शहर में अलग-अलग स्थानों पर 10 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

परिवहन, वित्त, योजना एवं अन्य विभागों की समीक्षा बैठक में दो बस डिपो, एक इज्जतनगर, बरेली और दूसरा बेवर, मैनपुरी में निर्माण कार्य को भी मंजूरी दी गई। पीपीपी मोड के तहत कुछ बस स्टेशनों को विश्व स्तरीय बस बंदरगाहों में विकसित करने के लिए भी चिन्हित किया गया है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि, चालक और परिचालक के पदों पर अनुबंध आधारित भर्ती की जाएगी और तीसरे पक्ष के माध्यम से आउटसोर्स भर्ती भी की जाएगी।

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