भारत और चीन की सीमा से सटे उत्तराखंड के जिले चमोली का आपदाग्रस्त शहर जोशीमठ (Joshimath) इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है| जोशीमठ (Joshimath) में भूधंसाव और इमारतों में आ रही दरारों से हालात नाजुक बने हुए हैं| वहीं भवनों को भूधंसाव से प्रभावित के रूप में चिह्नित किया गया है जिनमें दरारें आई हैं| जिसे लेकर सरकार वहाँ की स्थिति ठीक करने में लगातार जुटी हुई है|
वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि, पहाड़ों में लगातार बनाई जा रही सुरंग से लेकर लगातार बिछ रहे सड़कों के जाल के लिए पहाड़ों को काटने के कारण प्रकृति का रौद्र रूप भयानक विनाश का कारण बन रहा है|
इसी सिलसिले में अब देश की दिवंगत बीजेपी नेता सुषमा स्वराज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है| जो 4 नवंबर साल 2013 का बताया जा रहा है|
दरअसल, विकास के नाम पर प्रकृति से हो रही छेड़छाड़ को लेकर बीजेपी की दिवंगत नेता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज संसद भवन में साल 2013 में तात्कालिन कांग्रेस सरकार को घेरती नजर आई थी| इस दौरान उन्होंने भाषण देते हुए उत्तराखंड में विकास के नाम पर हो रहे कामों के कारण होने वाले विनाश को लेकर सवाल उठाया था|
संसद में सम्बोधित करते हुए सुषमा स्वराज ने कहा था कि, “उत्तराखंड में विकास के नाम पर प्रकृति से छेड़छाड़ करने, पर्यावरण को प्रदूषित करने, नदियों पर बांध बनाने की होड़ लगी हुई है| जिसके नतीजे के कारण आज विनाश हो रहा है|” इस दौरान उन्होंने कहा कि ‘प्रकृति एक दिन सब नष्ट कर देती है| प्रकृति की विनाश लीला में सब कुछ नष्ट हो जाता है|







[…] अनुसार, केवल 12 दिनों में, उत्तराखंड के जोशीमठ में 5.4 सेमी की तेजी से जमीन घंसने की […]
[…] जोशीमठ के जैसा डर नैनीताल (Nanital) पर भी मंडरा रहा है| जहां हजारों की आबादी खतरे में है| नैनीताल (Nanital) का पांव कहे जाने वाला बलियानाला रोज टूट रहा है, जिससे यहां के रहने वाले लोगों में जोशीमठ के जैसा डर समां गया है| हालांकि, इसके ट्रीटमेंट के लिए पैसा तो स्वीकृत हुआ लेकिन टेंडर नहीं होने से लोग डर में जी रहे है| […]