लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) राबड़ी देवी (Rabri Devi) और मीसा भारती (Misa Bharti) को ‘नौकरी के बदले ज़मीन’ (land for job) मामले में सीबीआई कोर्ट से ज़मानत मिल गई है। अदालत ने सभी को 50-50 हज़ार रुपये के निजी मुचलके पर ज़मानत दी है। लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और अन्य 14 के खिलाफ सीबीआई ने नौकरी के बदले जमीन मामले में आपराधिक षडयंत्र रचने और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल किया है।
इस मामले में आज लालू प्रसाद यादव के परिवार की दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) में पेशी हुई। लालू प्रसाद यादव पेशी के लिए व्हीलचेयर पर सीबीआई कोर्ट पहुंचे। यह मामला लालू प्रसाद के परिवार को उपाहर में जमीन देकर या जमीन बेचने के बदले में रेलवे में कथित तौर पर नौकरी पाने से संबंधित है। यह मामला तब का है, जब लालू प्रसाद 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे।
इस मुद्दे पर जेडीयू (JDU) सांसद सुनील कुमार पिंटू ने कहा कि, “लालू प्रसाद यादव को न्यायालय पर पूरा विश्वास है, यही वजह है कि परिवार के साथ अदालत पहुंचे। वह न्यायलय का सम्मान करते हैं। एजेंसी पक्षपात कर सकती है। अब तक बहुत लंबे चौड़े दावे किए गए हैं एजेंसी की तरफ से, वो पैसे कहां है। भारतीय जनता पार्टी कुछ भी कहे, अंतिम फैसला न्यायालय को करना है और उससे भी बड़ी जनता की अदालत है।”
सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया है कि, भर्ती के लिए भारतीय रेलवे के निर्धारित मानदंडों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए रेलवे में अनियमित नियुक्तियां की गईं। इसमें आरोप लगाया गया है कि बदले में उम्मीदवारों ने सीधे या अपने करीबी रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों के माध्यम से राजद प्रमुख प्रसाद, तत्कालीन रेल मंत्री के परिवार के सदस्यों को प्रचलित बाजार दरों के पांचवें हिस्से तक अत्यधिक रियायती दरों पर जमीन बेच दी। बता दे कि, हालही में सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी से पूछताछ की थी।







