उत्तर प्रदेश के हरदोई की ब्लॉक कोथावां क्षेत्र की ग्राम पंचायत नेवादा लोचन के मजरे निरंजन पुरवा निवासी मनरेगा मजदूरों ने ग्राम प्रधान एवं पंचायत मित्र पर आपस में बंदरबांट करने व समय से मनरेगा मजदूरों की मजदूरी न करने का आरोप लगाया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, मनरेगा मजदूरों ने अपने आर्थिक दर्द को बयां करते हुए बताया है कि हम मनरेगा मजदूर निरंजन पुरवा निवासी गोलू पुत्र राजाराम, कुलदीप पुत्र रामतीर्थ, मुकेश पुत्र मायाराम, विनय कुमार पुत्र महादेव, सुदामा पुत्र लक्ष्मण आदि सहित दर्जनों मनरेगा मजदूरों ने जिलाधिकारी से शिकायत कर कहा है कि उक्त ग्राम पंचायत में मजदूरी की थी। चार-पांच माह बीत जाने के बावजूद भी आज तक हम लोगों की मजदूरी नहीं प्राप्त हुई है।
उन्होंने कहा, जब हम प्रार्थीगण ग्राम प्रधान पार्वती देवी पत्नी पन्नालाल व पंचायत मित्र चंद्रशेखर व ग्राम सचिव कमल तिवारी से कहते हैं। तो भविष्य में मजदूरी आ जाने की बात कह कर टाल देते हैं। ग्राम पंचायत में जो हम लोग मजदूरी का कार्य करते हैं। तो हम लोगों का पैसा समय से नहीं भेजा जाता है और जो लोग मनरेगा में कभी कार्य नहीं करते हैं, उनके खाते पर पैसा भेजकर उक्त ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों में बंदरबांट कर लेने का आरोप लगाया है।
आपको बता दें कि, ग्राम पंचायतों नेवादा लोचन में मनरेगा मजदूरी के तहत जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। इतना ही नहीं ग्राम प्रधान व पंचायत मित्र के द्वारा सरकारी धन का भी गबन किया जा रहा है। फिलहाल पूरे प्रकरण को लेकर मनरेगा मजदूरों ने मुख्य विकास अधिकारी को एक शिकायती पत्र दिया हुआ है। अब देखने वाली बात यह होगी कि मुख्य विकास अधिकारी के द्वारा भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई होगी या नहीं होगी।




