एनसीआर (उत्तर मध्य रेलवे) के प्रयागराज मंडल का रेल ब्रिज संख्या 38 को निरंजन रेल अंडर ब्रिज के नाम से जाना जाता है। इस ब्रिज के नीचे से होकर गुजरने वाली सड़क मंगलवार 9 मई से लगभग 100 दिन के लिए बंद कर दी जाएगी।
निरंजन रेल ब्रिज पर एक और रेल ट्रैक बिछाने के लिए रेलवे की ओर से यहां तीन महीने का ब्लॉक लिया जा रहा है। बीते शनिवार को जिला प्रशासन ने इसकी मंजूरी दे दी है। पुराने शहर को सिविल लाइंस से जोड़ने वाले इस रास्ते को बंद किए जाने से जाम की बहुत बड़ी समस्या का सामने आना तय है।
रेल ट्रैक का हो रहा दोहरीकरण
मौजूदा समय ब्रिज के ऊपर से पांच रेल लाइन है। एक और रेल ट्रैक बिछाने के बाद इसकी संख्या कुल छह हो जाएगी। दरअसल झूंसी से प्रयागराज जंक्शन तक रेल ट्रैक दोहरीकरण की वजह से ही निरंजन पुल पर एक और रेल ट्रैक बिछाया जाना है। इसको लेकर पिलर का निर्माण व आरसीसी के गर्डर लगाए जाएंगे। इस अवधि में आवश्यकतानुसार कुछ समय के लिए ट्रेनों का भी आवागमन भी रोका जा सकता है।

सर्वे के बाद लिया गया फैसला
ब्लॉक अवधि में कुछ ट्रेनें वाया ईस्टर्न डेडीकेेटेड फ्रेट कॉरिडोर के रास्ते भी चलाई जा सकती हैं। ऐसे में इन ट्रेनों का ठहराव रेलवे प्रयागराज छिवकी रेलवे स्टेशन पर करेगा। रविवार सुबह रेलवे के साथ तमाम विभागों के अफसरों ने पुल पर काम शुरू करने के लिए साइट का निरीक्षण किया। जिसके बाद 9 मई से रास्ता बंद करने का फैसला लिया गया।
शहर में लगने वाला जाम बन सकता है मुसीबत
निरंजन रेल ब्रिज पर आरसीसी के गर्डर लगाने के लिए वर्ष 2016 में भी ब्लॉक लिया गया था। मंगलवार को पुल का काम शुरू होने से पुराने शहर से सिविल लाइंस और उसके आसपास के इलाकों में जाने के लिए शहरवासियो को खुसरोबाग रेल ओवर ब्रिज, रामबाग ओवर ब्रिज या सीएमपी रेल अंडर ब्रिज वाले रास्ते से ही जाना पड़ेगा। ऐसे में इन मार्गों में भी लोगों को जाम की समस्या झेलनी पड़ सकती है।
पुराने शहर को सिविल लाइंस से जोड़ने वाले रस्ते
निरंजन डाट पुल के नीचे से आवागमन बंद होने से बिजली घर चौराहे से जानसेनगंज, चौक समेत अन्य क्षेत्रों में लोग सीधे नहीं जा सकेंगे। इसी प्रकार उधर से बिजली घर चौराहा, सिविल लाइंस आदि क्षेत्रों में लोग नहीं आ सकेंगे। लोगों को यह सफर तय करने के लिए मेडिकल चौराहा से रेलवे ओवरब्रिज के रास्ते रामबाग जाना होगा और फिर यहां से वह अपने गंतव्य की तरफ आगे बढ़ेंगे। यही व्यवस्था थानों से सिविल लाइंस जाने वाले लोगों के लिए लागू रहेगी। इसी प्रकार नखासकोहना, नूरुल्ला रोड, शाहगंज, लीडर रोड आदि क्षेत्रों में रहने वाले लोग खुसरोबाग रेल ओवर ब्रिज के रास्ते सिविल लाइंस पहुंचेंगे। इससे लोगों को चार से पांच किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना होगा। इतना ही नही, मेडिकल कॉलेज ओवर ब्रिज पर रश भी बढ़ेगा।




