वाराणसी के कोतवाली थाना अंतर्गत डीएवी कॉलेज ग्राउंड (DAV College Ground) में विगत कुछ दिनों पूर्व दो अज्ञात लोगों द्वारा क्रिकेट कोच राम लाल यादव को गोली मार कर हत्या करने की कोशिश की गयी थी| वही घटना की कार्यवाही के दौरान थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था| जिस पर पुलिस द्वारा कार्यवाही के तहत घटना में शामिल पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है|
वही गिरफ्तार अभियुक्तों को अपर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने मीडिया के सामने प्रस्तुत किया और बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के द्वारा एक सोची-समझी साजिश के तहत क्रिकेटर राम लाल यादव को जान से मारने की असफल कोशिश की गयी थी| इस सनसनीखेज वारदात में शामिल एक मुख्य अभियुक्त अधिवक्ता मनीष सिंह शामिल था जो कि वाराणसी में प्रैक्टिस करता था, जिसने घटना को अंजाम देने के लिए असलहा मौजूद कराया था|
वही गिरफ्तार पांच अभियुक्तों के पास से पुलिस ने फैक्ट्री निर्मित पिस्टल, तीन देसी तमंचा,जिंदा कारतूस व 9 मैगजीन बरामद किया है| इस दौरान गिरफ्तार अभियुक्त राम जी दुबे ने बताया कि मेरे पिताजी डीएवी कॉलेज में चपरासी थे। बचपन से ही क्रिकेट कोच राम लाल यादव मेरी मां पर बुरी नियत रखता था तथा मेरी मां के साथ कई बार अवैध संबंध बनाए। मगर मैं उस वक्त छोटा था जिसकी वजह से मैं कुछ कर नहीं पाया। मगर प्रतिशोध की आग मेरे अंदर हर वक्त जलती रहती है। मेरे अंदर हर वक्त बदला लेने की बात जहन में चलती रही जिसको लेकर मैंने इस घटना को अंजाम दिया| हालांकि रामजी दुबे की मां को मरे हुए 7 साल हो चुके हैं लेकिन मरने के बावजूद रामजी दुबे ने इस घटना को अंजाम दिया|




