गुवाहाटी हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में श्रीनिवास की अग्रिम जमानत की ख़ारिज

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Gauhati High Court

गुवाहाटी हाईकोर्ट (Gauhati High Court) ने यौन उत्पीड़न के एक मामले में भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बी वी (Srinivas BV) की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इसके बाद श्रीनिवास बी वी (Srinivas BV) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की गुहार लगाई है। जहाँ श्रीनिवास के वकील ने मुख्य न्यायाधीश से जल्द सुनवाई की गुहार लगाई है। जिसे लेकर CJI डी वाई चंद्रचूड़ ने याचिका पर सुनवाई के लिए 15 मई की तारीख दी है।

आई‍‍वाईसी की असम यूनिट की प्रमुख अंगकिता दत्ता ने यह मामला दर्ज कराया था। जिन्हें संगठन से निष्कासित किया जा चुका है। गुवाहाटी हाईकोर्ट के जस्टिस अजित बोरठाकुर की पीठ ने कहा कि, यह याचिकाकर्ता को अग्रिम जमानत देने के लिए उपयुक्त मामला नहीं है। लिहाजा याचिका खारिज की जाती है श्रीनिवास बीवी ने 26 अप्रैल को हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर उनके खिलाफ दर्ज कराई गई प्राथमिकी रद्द करने की अपील की थी, लेकिन अदालत ने उसे खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।

श्रीनिवास बी वी पर आरोप है कि, उन्होंने पूर्व असम युवा कांग्रेस अध्यक्षा का कथित तौर पर उत्पीड़न किया। पीड़िता ने दिसपुर थाने में शिकायत दी थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि श्रीनिवास “उनका पिछले छह महीनों से मानसिक उत्पीड़न और उनके साथ लैंगिक आधार पर भेदभाव कर रहे हैं। वह पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को शिकायत करना जारी रखने की स्थिति में गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं।”

अंगकिता दत्ता ने श्रीनिवास पर छह महीने से अधिक समय तक प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। अंगकिता दत्ता का आरोप है कि, युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने कथित तौर पर 25 फरवरी को छत्तीसगढ़ के एक होटल में उसके साथ मारपीट की थी, जबकि इससे पहले गुवाहाटी में भी कथित तौर पर उन्हें प्रताड़ित किया था। अंगकिता दत्ता ने बीते 19 अप्रैल को असम के कामरूप जिले में पुलिस शिकायत दर्ज कराई थी। जहाँ श्रीनिवास बीवी पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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