उत्तर प्रदेश: सिद्धार्थनगर जिले (Siddharthnagar) में अवैध अस्पतालों की भरमार है। यह अस्पताल जिम्मेदारों के संरक्षण में चलते हैं, जिसका नतीजा आये दिन मासूम लोगों को झेलना पड़ता है। ताजा मामला जिले के लोटन थानाक्षेत्र के एकडेंग्वा टोला मैनहा की रहने वाली अंजलि का है, जिसकी डिलेवरी के दौरान मौत हो गई। उसकी मौत का जिम्मेदार प्राइवेट अस्पताल स्टार हॉस्पिटल को माना जा रहा है।
पीड़ित परिजन जितेंद्र ने बताया कि उसके भाई की पत्नी की डिलेवरी व ब्लिडिंग को लेकर वह स्टार हॉस्पिटल लेकर गया, जहा हॉस्पिटल के स्टाफ् द्वारा भर्ती कर इलाज किया जा रहा था लेकिन डॉक्टर नही होने की वज़ह से महिला की हालत बिगड़ गई और महिला की मौत हो गई।
वहीं इस मामले को लेकर जब लोटन क्षेत्र के चिकित्साधिकारी अमित चौधरी से बात की गई तो उन्होंने मामले की पुष्टि की और बताया कि महिला के पेट में जुड़वा बच्चे थे। यह उपकेंद् पर डिलेवरी के लिए गए हुए थे। जहाँ पर महिला की हालत गंभीर होने के कारण उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था लेकिन वह किसी कारण से नही गए और उपकेंद् पर ही डिलेवरी हुई जिसमें एक बच्चा मृत पैदा हुआ और महिला को ब्लिडिंग होने लगी जिसके बाद उपकेंद् से महिला को रेफर कर दिया गया लेकिन वह स्टार हॉस्पिटल चली गई और इसके बाद जिला अस्पताल फिर वीपीएल हॉस्पिटल गई, जहाँ पर उसकी मौत हो गई।
वह जाँच के लिए अस्पताल पर भी गए हुए थे लेकिन अस्पताल बन्द था और अस्पताल का कोई रजिस्ट्रेशन भी नही है। इस जाँच कर कार्यवाही की जायेगी। लेकिन यहाँ सवाल यह है कि लोग कब तक इन अस्पतालों के झांसे में आ कर अपनी जान गवायेंगे। स्वास्थ्य विभाग ऐसे अवैध अस्पतालों पर तालाबंदी की कार्यवाही कब करेगी? यह एक बड़ा सवाल है।














