मुक्तिधाम का नाम आते ही सबके मन में अलग तस्वीर आती है। लेकिन मुरैना जिले के पोरसा में बना मुक्तिधाम पहली नजर में मुक्तिधाम नजर नहीं आता है, क्योंकि इस मुक्तिधाम को अपनी सुंदरता और आलौकिकता के लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। इस मुक्तिधाम में पूरे इलाके के लोग सैर करने तो आते है ही, वहीं दूसरी तरफ यहां कई तरह के पक्षी भी एक साथ विचरण करते देखें जा सकते है।
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल
खास बात यह है कि इस मुक्तिधाम को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। डॉ अनिल गुप्ता ने बताया कि उन्होंने मुक्तिधाम को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल किया था। जिसे अब इसमें जगह मिल गई है। पोरसा का नागाजी मुक्तिधाम ऐसा है जिसमें चिताए तो चलती हैं लेकिन आसपास का नजारा सुंदर और रमणीय है, बच्चे यहां अठखेलियां करने आते हैं और सांस्कृतिक व सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान महिलाएं मंगल गीत गाती हैं। सुबह-शाम महिलाएं और वृद्धजन यहां योगासन करते हैं।
क्यों है बाकि मुक्तिधामों से अलग
26 साल पहले पोरसा मुक्तिधाम भी अन्य मुक्तिधामों की तरह वीरान उजड़ा था। लेकिन डॉ अनिल गुप्ता ने इसके कायाकल्प का संकल्प लिया। आज इस मुक्तिधाम में सत्यम, शिवम, सुंदरम की थीम पर मेहंदी की आकर्षक डिजाइन देखने को मिलते हैं। मुक्तिधाम में बच्चों को खेलने के लिए झूले बनाए गए हैं। इसके साथ ही वृद्धजन योगासन करने के लिए यहां आते हैं। इस मुक्तिधाम में तरह-तरह की औषधियों के पौधे लगाए गए हैं।














