पुलिस परीक्षा लीक मामले में आरोपी नीरज यादव के पिता ने बेटे से तोडा नाता

SP ने कहा इस मामले में जेल में बंद नकल माफियाओं से पूछताछ की जाएगी।

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बलिया: पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले (police exam leak case) में यूपी एसटीएफ के हत्थे चढ़ा नीरज कुमार यादव उर्फ राहुल यादव यूपी के बलिया के हल्दी थाना क्षेत्र के गायघाट गांव का निवासी है। उसने परीक्षा के पूर्व ही परीक्षार्थियों को व्हाट्सएप के जरिये आंसर भेजा था। आरोपी नीरज यादव खुद को सेना का जवान बताकर लोगों को ठगता था। विभिन्न परीक्षाओं में सेंधमारी कर परीक्षा पास कराने का भरोसा देकर मोटी रकम वसूलता था। पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा ने कहा आरोपी नीरज यादव को STF ने गिरफ्तार किया है। वह एक फ़्रॉड किस्म का व्यक्ति है। पुलिस परीक्षा में गिरफ्तार नकल माफिया से जेल में पुलिस पूछताछ करेगी।

वही गिरफ्तार नीरज यादव के पीता हरेराम यादव मीडिया के सवालों पर भड़क गए। इस दौरान उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मेरे बेटे को फांसी की सजा हो जाये। ऐसा बेटा मर जाये। मैं गलत का सपोर्ट नही करूँगा। अब हमारा उससे कोई नाता नहीं है। हमारी सारी प्रतिष्ठा चली गई।

पुलिस परीक्षा लीक मामले (police exam leak case) में गिरफ्तार नीरज को स्थानीय लोग राहुल यादव के नाम भी जानते है। आरोपी नीरज यादव ने खुद पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा भीदी है। वह खुद भी पुलिस बनना चाहता था। आरोपी नीरज यादव के पिता हरेराम यादव मीडिया पर ही भड़क गए और कहा उसे फांसी हो जाये, ऐसा बेटा मर जाये, अब मैं उसका पिता नही हूँ। नकल की है भाड में जाये। मैं गलत का सपोर्ट नही करूँगा। मेरी सारी प्रतिष्ठा चली गई। आपको बता दे कि नीरज यादव के तीन भाई और एक बहन है।

पूरे मामले में बलिया SP ने कहा आरोपी नीरज यादव को STF ने गिरफ्तार किया है।वह एक फ्रॉड किस्म का व्यक्ति है और लोगो को मर्चेंट नेवी का जवान बताता है। पुलिस परीक्षा नकल मामले (police exam leak case) मे जेल में बंद आरोपियो से भी पुलिस जेल में जाकर पूछ ताछ करने की बात कह रही है।

नीरज सेना भर्ती परीक्षा में छंट गया था, लेकिन वह सेना का जवान बन कर नौजवानों को भ्रमित करता था। विभिन्न परीक्षाओं में सेंधमारी कर परीक्षा पास कराने का भरोसा देकर मोटी रकम वसूलता था। उसने 17 और 18 फरवरी को आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर भी परीक्षा शुरू होने के काफी पहले ही प्राप्त कर लिया था। उसके जवाब भी व्हाट्सएप के जरिए भेज दिए थे। इसके बाद पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसको लेकर अभ्यर्थियों ने विरोध जताना शुरू कर दिया। इसके बाद सरकार ने पेपर को निरस्त करते हुए जांच की जिम्मेदारी एसटीएफ को सौंप दी। एसटीएफ ने अपनी शुरुआती जांच में पेपर लीक गिरोह के प्रमुख सदस्य रहे नीरज कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया है।

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