31 दिसंबर से लापता दो युवकों के शव गाजियाबाद में मिले हैं। परिजनों का दावा है कि तेजाब से जलाकर उनकी हत्या की गई है। आरोप इलाके की केमिकल फैक्ट्रियों के मालिकों पर है। परिजनों का दावा है कि युवक व अन्य गांव के लोगों ने इस इलाके में केमिकल फैक्ट्री को बंद करने की मांग की थी। इस वजह से उनकी हत्या कर दी गई।
गौरव और दुर्गेश 25 वर्ष के युवा थे और नौकरी कर रहे थे। यह दोनों गाजियाबाद के रिस्थल गांव के रहने वाले थे। वहीं से 31 तारीख को लापता हो गए थे। 4 तारीख को इनके शव मिले है। परिजनों के मुताबिक, दोनों के शवों के बीच 1 किलोमीटर का फासला था। परिजनों का कहना है कि दोनों के चेहरे तेजाब से जला दिए गए है। जिससे उनकी पहचान न हो सके। हालांकि, पहने गए कपड़े और कद-काठी से उनकी पहचान की गई है।
परिजन सतपाल ने बताया है कि यहां केमिकल फैक्ट्री बहुत ज्यादा तादाद में है। यह काफी प्रदूषण फैला रहे है। इसको लेकर अक्सर गौरव और दुर्गेश सवाल उठाया करते थे। इसीलिए इन दोनों की हत्या कर दी गई है। मौके पर पहुंची पुलिस को ग्रामीणों का विरोध झेलना पड़ा। हालांकि, पुलिस एक शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने में कामयाब रही है, लेकिन दूसरा शव अभी ग्रामीणों के कब्जे में है। अब देखना होगा कि गाजियाबाद पुलिस कब तक इन युवकों के हत्यारों का पकड़ पाती है।






