मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक 18 वर्षीय लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, छतरपुर के बॉर्डर से लगे उत्तर प्रदेश की सीमा पर लड़की निर्वस्त्र अवस्था में बेहोशी की हालत में मिली थी। इलाज कराने के बाद उसने पुलिस को बयान दर्ज कराया था। पुलिस ने लड़की के आरोप के आधार पर नौ लोगों के खिलाफ अपहरण और गैंगरेप की धाराओं में FIR दर्ज की है। आरोपियों में एक छतरपुर पुलिस का जवान है।
दरअसल, मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले और उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के बॉर्डर पर बुधवार को 18 वर्षीय युवती अस्त-व्यस्त हालत में बेसुध मिली थी। महोबा पुलिस ने लड़की को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा था। गुरुवार को वह होश में आई। लड़की ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उसके साथ गैंगरेप हुआ है। लड़की ने पुलिस आरक्षक और उसके परिवार के 9 सदस्यों पर अपहरण-गैंगरेप का आरोप लगाया है।
लड़की के मुताबिक, आरोपी एक केस के सिलसिले में एक महीने पहले उसे पूर्व छतरपुर से लेकर गए थे। फिर से बंधक बनाकर अलग-अलग जगहों पर रखा। मारपीट और रेप किया। बाद में उसे यूपी बॉर्डर के पास छोड़ दिया गया। पुलिस ने लड़की के बयान के आधार पर राजनगर थाने में तैनात आरक्षक संजय तिवारी और उसके परिवार के अन्य 9 सदस्यों पर FIR दर्ज की है।
एसपी अमित सांघी ने इस मामले में आरक्षक संजय तिवारी को सस्पेंड करते हुए मामले की जांच के लिए एक SIT टीम का गठन किया है, जो इस मामले की तह तक जाकर पूरी जांच करेगी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।




