मंदसौर सोसायटी फ्रॉड (Mandsaur Society Fraud) मामले में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राम कोटवानी व दो अन्य साथी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया| आरोप पत्र पर हुए सवाल जवाब पर जेल ले जाते समय साथी आरोपियों ने राम कोटवानी के खिलाफ आरोप लगाकर नारेबाजी किया और कहा राम कोटवानी दे रहे धमकी, राम कोटवानी ने कहा कि, राजनीति से प्रेरित होकर आरोप लगया जा रहा है|
यह था मामला
मंदसौर नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता राम कोटवानी को मंदसौर पुलिस ने आज से कुछ महोने पूर्व गिरफ्तार किया था| मंदसौर नगर पालिका के बाहर से उनकी गिरफ्तारी की गई थी| जानकारी के मुताबिक, राम कोटवानी ने अपने दो साथियों रईस और आदिल रंगरेज के साथ मिलकर कोहिनूर को-ऑपरेटिव सोसाइटी का संचालन करते हुए दोनों को डायरेक्टर बनाया था और खुद पर्दे के पीछे से संचालन कर रहे थे।
बैंक की एजेंट मुस्कान गोस्वामी ने बताया कि, वह कोहिनूर को-ऑपरेटिव बैंक में डेली कलेक्शन एजेंट है। उसके करीब 70-80 ग्राहकों के रुपए नहीं लौटाए जा रहे है। उसने बताया कि पिछले दिनों संस्था को कोटवानी ने अपने कब्जे में लिया था। उस दौरान बताया था कि, वो रुपए वापस करेंगे लेकिन उन्होंने बाद में इसे देने से मना कर दिया था।
ग्राहकों द्वारा डेली कलेक्शन के नाम पर ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करने पर शहर कोतवाली पुलिस ने धारा 420 का मामला दर्ज किया था। मामले में बैंक के दोनों डायरेक्टर रईस और आदिल को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया था, लेकिन राजनीतिक रसूख के चलते राम कोटवानी को बचाया जा रहा था। परन्तु पुलिस ने राम कोटवानी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था| जहां से पुलिस को अदालत ने बीते साल 19 सितंबर को उन्हें रिमांड सौंपा था।


















