यूपी के गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर में हमला के मामले में दोषी करार दिए गए अहमद मुर्तजा को आज फांसी की सजा सुनाई गई है। सोमवार को मामले में एटीएस-एनआईए अदालत का बड़ा फैसला सामने आया है। कोर्ट की तरफ से अहमद मुर्तजा यूएपीए ( UAPA), देश के खिलाफ जंग छेड़ने और जानलेवा हमले के आरोप में दोषी करार दिया गया।आज अहमद मुर्तजा को सुनवाई के लिए अदालत में पेश किया गया था। एटीएस-एएनआई (ATS – ANI) की अदालत ने अहमद मुर्तजा को फांसी की सजा सुनाई है।
मुर्तजा के पास से हथियार, लैपटॉप और उर्दू में लिखी हुई सामग्री बरामद की गई थी
अहकमद मुर्तजा ने गोरखनाथ मंदिर के अंदर घुसकर सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया था। बीते साल चार अप्रैल को कॉन्स्टेबल विनय कुमार मिश्रा ने अहमद मुर्तजा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। वह उस दौरान मंदिर के गेट नंबर एक के सुरक्षा प्रभारी के तौर पर कार्यरत थे। अहमद ने पीएसी के सिपाही अनिल कुमार पासवान पर हमला कर उनसे हथियार छीनने का प्रयास किया था। जब दूसरे सुरक्षाकर्मी उन्हे बचाने आए तब अहमद मुर्तजा ने उन पर भी हमला कर दिया। जिसके बाद वो हथियार हाथो में लेते हुए धार्मिक नारे लगाने लगा था। वहीं, पुलिस कर्मियों ने अपने अथक प्रयास से उसे अपने हिरासत में ले लिया था और कारावास में डाल दिया था। जिसके बाद जांच – पड़ताल होने पर उसके पास से हथियार, लैपटॉप और उर्दू में लिखी हुई सामग्री बरामद की गई थी।
सरकार के खर्च पर अहमद मुर्तजा के लिए वकील भी किया गया था
इस मामले में डिप्टी एसपी संजय वर्मा ने चार्जशीट दाखिल की थी। एटीएस ( ATS) ने इस मामले में अहमद मुर्तजा को 25 अप्रैल, 2022 को विशेष कोर्ट में पेश किया था और पुलिस कस्टडी लेकर रिमांड भी प्राप्त की थी। सरकार के खर्च पर अहमद मुर्तजा के लिए वकील भी किया गया था। 27 गवाहों की पेशी के बाद एटीएस-एनआईए कोर्ट इस नतीजे पर पहुंची और आज यानि 30 जनवरी को अहमद मुर्तजा को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा का ऐलान कर दिया गया है।




















