Kaushambi: अपराध नियंत्रण को लेकर एसपी ने पुलिस ऑफिस सभागार में मातहतों के साथ मासिक अपराध की बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधीनस्थों के पेंच कसे। हत्या, लूट, डकैती, बलात्कार, दहेज हत्या और गैंगस्टर एक्ट के लंबित गंभीर अपराधों में शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जल्द से जल्द विवेचनाओं का निस्तारण करने को कहा। अपराध नहीं रुकने पर थाना छोड़ने की नसीहत दी। एसपी के तेवर देखकर अधीनस्थों में खलबली मची रही।
ज्ञात हो की मंगलवार को पुलिस सभागार में एसपी सुनीति ने अधीनस्थों के साथ मासिक अपराध गोष्ठी कीं। इस दौरान मातहतों के पेंच कसे। कौशाम्बी जनपद (Kaushambi) में शांति व्यवस्था, कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए कड़े निर्देश दिए। उन्होंने थानेवार पंजीकृत अभियोगों की समीक्षा की। गंभीर अपराधों के लंबित मुकदमों के खुलासे के निर्देश दिए। मिशन शक्ति अभियान, किरायेदारों का सत्यापन, कबाड़ियों का सत्यापन अभियान, बीट पुनर्गठन, शस्त्र और कारतूसों की बिक्री के सत्यापन, पुरस्कार घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी, पांच साला अपराधी के सत्यापन, गोवध के अपराधियों का सत्यापन, पेशेवर हत्यारे, डकैत, लुटेरे और खुख्यात अपराधियों के खिलाफ कार्यवाही की हर प्वाइंट पर समीक्षा की। लंबित मामलों को लेकर कड़ी नाराजगी जताई।
आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों की निष्पक्ष जांच और विधिक कार्यवाही को निर्देशित किया। थाने पर आने वाले पीड़ित की धैर्यपूर्वक शिकायत सुनकर त्वरित जांच कराते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिए। अवैध शराब और अवैध मादक पदार्थो पर प्रभावी नियंत्रण, महिलाओं और बच्चियों के साथ होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए करने को कहा। इस दौरान एएसपी समर बहादुर सिंह, सीओ चायल योगेंद्र कृष्ण नारायण व सीओ सिराथू अवधेश विश्वकर्मा के अलावा समस्त थानाध्यक्ष और शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।














