Uttar Pradesh: जनपद हापुड़ (Hapur) में 29 अगस्त को अधिवक्ताओं द्वारा किए जा रहे चक्का जाम के दौरान पुलिस द्वारा अधिवक्ताओं पर किए गए लाठी चार्ज के विरोध में पूरे उत्तर प्रदेश में सभी जगह पर धरना प्रदर्शन शुरू हो गया था। जिसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सारे मामले की जांच के लिए मेरठ मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में एक एसआईटी टीम का गठन किया था। आज एसआईटी की टीम हापुड़ (Hapur) सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में पहुंची, जिसमें अधिवक्ताओं को भी आमंत्रित किया गया था। इसके बाद हापुड़ बार के अध्यक्ष सहित लगभग एक दर्जन के करीब अधिवक्ता एसआईटी टीम के सामने पहुंचे लेकिन बार काउंसिल उत्तर प्रदेश द्वारा मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र के बाद एसआईटी टीम व अधिवक्ताओं की वार्ता आगे नहीं बढ़ पाई।

इसके बाद हापुड़ बार के अध्यक्ष ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि आज एसआईटी की टीम हापुड़ (Hapur) जांच के लिए पहुंची थी। हमें भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन जिस तरह से 28 तारीख में पुलिस ने निहत्थे वकीलों पर लाठी चार्ज किया है वह निंदनीय है। इस एसआईटी टीम के विरोध में उत्तर प्रदेश बार ने मुख्यमंत्री को इस एसआईटी टीम में कुछ और सदस्य बढ़ाने की मांग करते हुए पत्र भेजा है। इस मामले में आगामी 3 तारीख को बार काउंसिल की मीटिंग होगी। उसके बाद जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसके बाद आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। उससे पहले हम लोग एसआईटी टीम को इस घटना से जुड़े कोई भी साक्ष्य नहीं देंगे।














