उत्तर प्रदेश के इस गाँव में नहीं हो रही लड़कों की शादी, जाने वजह

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Uttar Pradesh: आज हम आपको उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं। जहां सड़कें टूटी होने की वजह से लड़कों के रिश्ते नहीं आ रहे हैं। जो रिश्ते आते भी हैं वह टूटी सड़कों की वजह से टूट जाते है। ऐसे में युवाओं की शादी समय पर नहीं हो रही है जिनकी उम्र लगातार बढ़ती जा रही है।

टूटी सड़कें युवाओं के लिए बन रही अभिशाप

हर किसी का सपना होता है कि वह अपना घर बसाए और उसका अपना परिवार हो, लेकिन यह संभव जब होता है जब दोनों तरफ से रिश्ता हो और लड़का-लड़की रिश्ते में बंधे। ऐसा होना उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के एक गांव के लिए नामुमकिन साबित होता हुआ दिखाई दे रहा है।

हम जिस गांव की बात कर रहे हैं वह फर्रुखाबाद जिले के तहसील अमृतपुर क्षेत्र के गांव तीस राम की मढैया का है, जो कि मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर की दूरी पर है। लेकिन इस गांव में युवाओं के रिश्ते इसलिए नहीं आ रहे हैं क्योंकि यहां की सड़कें युवाओं के लिए अभिशाप बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां युवाओं की शादी इसलिए नहीं हो रही है क्योंकि 2 महीने पहले इस गांव में बाढ़ आई थी और बाढ़ की वजह से पूरी तरीके से पानी की वजह से खराब हो गई। यहां आने जाने में लोगों को काफी परेशानी होती है। जो भी रिश्तेदार अपनी लड़की का रिश्ता लेकर इस गांव में आता है वह खराब सड़कें देखकर यहां से वापस चला जाता है और दोबारा मुड़कर नहीं देखता है। युवाओं की उम्र लगातार बढ़ती जा रही है और उनके रिश्ते समय पर नहीं हो रहे हैं। हमारा गांव आज भी विकास से कोसों दूर है क्योंकि यहां सरकार की नजर नहीं है। यही वजह है कि युवा इस वक्त इस गांव में कुंवारे बैठे हुए हैं।

गर्भवती महिलाओं को खराब सड़कों की वजह से छोड़नी पड़ी अपनी ससुराल

इस गांव में युवाओं के साथ-साथ महिलाएं भी काफी परेशान है। जिन युवाओं की यहां शादी हो चुकी है उनकी गर्भवती पत्नियां अपनी ससुराल छोड़कर मायके में पहुंच गई है। गर्भवती महिलाओं का कहना है कि यहां पर सड़कें इस कदर खराब है कि अगर कोई भी व्यक्ति बीमार होता है तो वह समय रहते अस्पताल तक नहीं पहुंच पाता है। क्योंकि सड़कों में जगह पर गड्ढे हो गए हैं। सड़कें जर्जर हालत में पड़ी हुई है। इन्हीं वजह से हम लोगों ने अपनी ससुराल छोड़ दी है और मायके में रह रहे हैं। महिलाओं का यहां तक कहना है कि अगर सड़कें नहीं बनी तो वह ससुराल में नहीं जाएंगी। इन्हीं महिलाओं के साथ और लोगों का भी कहना है कि जब हमारे गांव में बाढ़ आई थी तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां का दौरा किया था। उन्होंने आश्वासन दिया था कि आपकी हर संभव मदद की जाएगी, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ और आज भी हमारा गांव बदहाली से जूझ रहा है। हमारा गांव इस वक्त काफी पीछे होता जा रहा है जिसकी वजह प्रशासन है। अगर प्रशासन समय रहते हमारे गांव पर ध्यान नहीं देता है तो हमारा गांव काफी पीछे चला जाएगा।

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