Kanjhawala case: घटना के वक्त कार में नहीं था दीपक, जानिए क्यों रची झूठी कहानी

दीपक का फोन रिकॉर्ड भी बता रहा है कि वारदात वाले दिन वो दिन भर अपने घर में ही था।

0
43

दिल्ली में कंझावला कांड (Kanjhawala Case)  को लेकर हर दिन नए खुलासे हो रहे है। इस केस में एक और नया ट्विस्ट आया है। आरोपी दीपक घटना के समय कार में नहीं था। पुलिस जांच में पता चला है कि वाहन के अंदर 5 नहीं, बल्कि केवल 4 लोग थे। उस दिन वह घर पर था। ये बात पुलिस की जांच में सामने आई है। दीपक के फोन की लोकेशन बाकी आरोपियों के फोन लोकेशन से अलग थी। इसके साथ ही दीपक के फोन रिकॉर्ड से पता चलता है कि रिकॉर्ड के मुताबिक उसने घटना का पूरा दिन घर पर ही बिताया। साइंटिफिक एविडेंस पुलिस इसे ही बता रही है।

क्यों छुपाया सच?

कंझावला कांड (Kanjhawala Case) में पुलिस की जांच में ये चौंकाने वाली बात सामने आई है कि अपने चचेरे भाई अमित खन्ना को बचाने के लिए दीपक ने झूठी कहानी रची। जिसमें उसने पुलिस को फोन कर ये बताया कि कार अमित नहीं बल्कि वो खुद चला रहा था। जिसके बाद पुलिस ने दीपक को गिरफ्तार किया था। आपको बता दें कि पुलिस ने जिन पांच लोगों को शुरुआत में आरोपी बनाया है। उसमें एक दीपक खन्ना भी है जो ग्रामीण सेवा में ड्राइवर है। आरोपी दीपक के मकान के पहली मंजिल पर रहने वाली महिला का कहना है कि घटना वाले दिन दीपक अपने घर पर ही मौजूद था।

रात 3.30 बजे घर से बाहर गया था दीपक

दरअसल, जिस घर में दीपक रहता है उसका दरवाजा कुछ इस तरीके से है, कि कोई भी अगर घर में एंट्री करेगा तो पहली मंजिल पर जो महिला रहती है, पहले वह दरवाजा खोलती हैं फिर दीपक अपने घर में जा पाता है। महिला के मुताबिक 31 दिसंबर की रात 10:45 बजे दीपक घर आया था। दरवाजा इसी महिला ने खोला था। इसके बाद 3:30 बजे कोई दीपक को बुलाने आया और दीपक को अपने साथ ले गया। शुरुआत में यह बात सामने आई थी कि गाड़ी दीपक चला रहा था लेकिन बाद में पता चला कि गाड़ी अमित चला रहा था। पुलिस को गुमराह करने के लिए यह झूठ आरोपियों ने पुलिस के सामने बोला था।

गाड़ी चला रहा था अमित, दीपक के नाम पर किया गुमराह

शुरुआत में यह बात सामने आई थी कि गाड़ी दीपक चला रहा था लेकिन बाद में पता चला कि गाड़ी अमित चला रहा था। पुलिस को गुमराह करने के लिए यह झूठ आरोपियों ने पुलिस के सामने बोला था। गाड़ी अमित चला रहा था। जो दीपक का रिश्तेदार है। लेकिन अमित के पास लाइसेंस नहीं था। इसलिए दीपक को दिखाया गया कि वो गाड़ी चला रहा था। आरोपियों का साथ देने और जांच गुमराह करने के लिए दीपक को गिरफ्तार किया गया है। दीपक की लोकेशन से पता लगा कि वो एक्सीडेंट के वक्त अपने घर पर मौजूद था। वहीं, कंझावला कांड (Kanjhawala Case)  में दिल्ली पुलिस को एक और कामयाबी मिली है। जोन II के स्पेशल सीपी/लॉ एंड ऑर्डर सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि कंझावला मामले में पुलिस को झूठी सूचना देने वाले छठे आरोपी आशुतोष को गिरफ्तार कर लिया है।

बलेनो कार का मालिक आशुतोष गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने कंझावला कांड (Kanjhawala Case) में वारदात में इस्तेमाल बलेनो कार के मालिक आशुतोष को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी यमुना पार इलाके से हुई है। दिल्ली पुलिस को अब सातवें आरोपी अंकुश खन्ना की तलाश है जो आरोपी अमित खन्ना का भाई है। अंकुश खन्ना पर आरोप है कि उसके कहने पर ही दीपक ने झूठी कहानी रची है। यानि इस मामले में अब तक 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पहले पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। रोहिणी कोर्ट ने उन पांचों आरोपियों की पुलिस रिमांड 4 दिन और बढ़ा दी है।

अलग-अलग बयान दे रहे हैं सभी आरोपी

पुलिस के मुताबिक आरोपियों के बयान अलग-अलग हैं। ऐसे में उनसे आगे भी पूछताछ करने की जरूरत है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस आरोपियों का लाई डिटेक्टर टेस्ट भी करवा सकती है। वहीं, अंजिल के परिवार वाले आरोपियों पर धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here