New Delhi: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा (Virendra Sachdeva) के सामने इस वक्त चुनौती है सदस्यों को संगठित करने की। इसके लिए कार्यकर्ताओं ने तैयारी शुरू कर दी है। कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार ने जन संपर्क अभियान चलने के निर्देश दिए है।
इस काम में मंडल इकाई की एहम भूमिका रहती है , इसलिए केंद्र ने इनके कामकाज के अनुसंधान का फैसला लिया है, ताकि चुनाव प्रिक्रिया में सुधार किया जा सके। यह छानबीन प्रदेश अध्यक्ष अपने स्तर पर करेंगे, ताकि उन्हें स्तरिय संघठनो की गतिविधियों और नेताओं की सक्रियता की सही सुचना मिल सके। इसलिए उन्होंने सभी 14 संगठनात्मक जिलों और 256 मंडलों के पदाधिकारियों सेसीधी वार्ता करने का फैसला किया है। अप्रैल की शुरुआत तक यह काम पूरा होना सुनिश्चित हुआ है।
जिला अध्यक्ष और प्रभारी से उनके कार्यक्षेत्र में आने वाले मंडलों के कामकाज की रिपोर्ट मांगी जाएगी। उनसे कामकाज में सुधार लाने के सुझाव के विषय में भी वार्ता होगी। उसके बाद सभी मंडलों के अध्यक्ष और प्रभारी से भी वार्ता होगा। जिला अध्यक्ष व प्रभारी से कमियों और कारणों के विषयों में भी बात की जाएगी। भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष की इस पहल से जानने में सरलता होगी की मंडल इकाई में कितना तालमेल है। लोकसभा चुनाव में जीत दोहराने के लिए प्रदेश, जिला और मंडल इकाई में आपसी तालमेल जरूरी है। लेकिन, अभी के जगहों पर इसमें कमी है। नगर निगम चुनाव के वक्त भी इस प्रकार की समस्या प्रदेश नेतृत्व तक पहुंची थी। इस कमी को दूर करने के लिए इस दिशा में काम शुरू हो गया है। जल्द ही प्रदेश से लेकर मंडल स्तर तक के संगठनों में बदलाव भी किया जाना सुनिश्चित हुआ है। पदाधिकारियों के कामकाज के विवरण के आधार पर नई जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।


