पितृ अमावस्या 2023: गंगानगरी में स्नान करने पहुंचे लाखों श्रद्धालु

पुलिस प्रशासन के दावों की खुली पोल

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प्रयागराज: जिले में स्थित गंगा तट पर शनिवार को स्नान करने पहुंचे श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। यह अवसर पितृ विसर्जनी अमावस्या (Pitru Amavasya) शनिवार का दिन था। श्राद्ध पखवाड़ा का पितृ विसर्जनी अमावस्या (Pitru Amavasya) का दिन अंतिम दिन होता है। इस दिन ज्ञात व अज्ञात पितरों का स्मरण कर तर्पण, दान और दीपदान होता है। ऐसी मान्यता है कि कोई व्यक्ति अपने पूर्वजों का श्राद्ध नहीं कर पाता है तो वे पितृ विसर्जनी अमावस्या के दिन श्राद्ध करते है और आदर व सम्मान के साथ पितरों को विदा करते है। अपने-अपने पितरों का तर्पण करने हेतु बड़ी तादाद में श्रद्धालु पश्चिमी उत्तर प्रदेश व एनसीआर इलाके से बृजघाट गंगा तट पर पहुंचे और गंगा में स्नान कर असहाय लोगों को भोजन कराया और दान दिया तथा वस्त्र आदि वितरित किए।

दावों की खुली पोल

गंगा स्नान को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजामों का दावा किया जाता है। मगर आज गंगा स्नान करने पहुंचे श्रद्धालुओं को आने में काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। मुख्य मार्ग पर काफी लंबा जाम लग गया और पुलिस प्रशासन के तमाम दावों की जमकर धज्जियां उड़ीं। पितृ अमावस्या (Pitru Amavasya) पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पिंड दान कर गंगा मैया के जयकारे लगाए और विधि-विधान से पूजा पाठ कराया। श्रद्धालुओं के उमड़े जनसैलाब के बीच हाइवे पर भीषण जाम लग गया जिसके कारण लोगो को परेशानी का सामना करना पड़ा। हाइवे पर इतना भारी जाम था कि लोगों को पैदल चलने के लिए भी जगह नहीं मिल सकी।

गंगा के किनारे हुई पूजा-अर्चना

गंगा किनारे ही श्रद्वालुओं ने पुरोहितों की मदद से विधि विधान से मंत्रोच्चार के मध्य पूजा की। स्नान के दौरान श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। पितृ विसर्जन अमावस्या के मौके पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सुविधा के लिए पुलिस बल भारी संख्या में मौजूद था, लेकिन आस्था के समागम के सामने पुलिस कुछ नहीं कर पाई।

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