प्रयागराज में नगर निगम सीमा का विस्तार होने के साथ-साथ इसके दायरे में आने वाले बाशिंदों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। क्योंकि शहरी सीमा में आने वाले गांव के घरों का गृहकर शहरी क्षेत्र के अन्य मकानों की अपेक्षा 50 प्रतिशत अधिक होगा। नैनी, झूसी, फाफामऊ क्षेत्रों में बढ़ाई गई नगर निगम की सीमा के दायरे में आए गांव अब शहरी क्षेत्र कहलाने लगे हैं। इसलिए नगर निगम की ओर से इन्हें क्षेत्रों का सर्किल रेट तैयार कर लिया गया है जो पुराने शहरी क्षेत्र के सर्किल रेट से तकरीबन 50 प्रतिशत अधिक है। जो कि सिविल लाइन जैसे पॉश इलाके से भी अधिक होगा।
प्रयागराज शहरी सीमा में आने वाले गावों के घरों का गृहकर शहरी क्षेत्र के अन्य मकानों की अपेक्षा 50 प्रतिशत अधिक होगा। नैनी, झूसी, फाफामऊ क्षेत्रों में बढ़ाई गई नगर निगम की सीमा के दायरे से गांव अब शहरी क्षेत्र कहलाने लगेंगे। जहां नगर निगम द्वारा इन क्षेत्रों का सर्किल रेट तैयार कर लिया गया है जो न केवल पुराने शहरी क्षेत्र के सर्किल रेट से तकरीबन 50 प्रतिशत अधिक होगा। बल्कि सिविल लाइन जैसे पॉश इलाके से भी अधिक होगा।
नवसृजित शहरी क्षेत्रों के मकानों का गृह कर ज्यादा
प्रयागराज नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहरी क्षेत्र का सबसे कम सर्किल रेट 01.05 रुपए और अधिकतम 3.10 रुपए 7 स्कवायर फीट तय किया गया है। नए शहरी क्षेत्र के सर्किल रेट बढ़ने के प्रस्ताव से इतना तो पक्का हो गया है कि नवसृजित शहरी क्षेत्रों के मकानों का गृह कर ज्यादा होगा। नगर निगम की ओर से तैयार किए गए सर्किल रेट को जल्द ही सार्वजनिक कर दिया जाएगा।
आपत्ति निस्तारण के बाद ही सर्किल रेट लागू
प्रयागराज (Prayagraj) जिला नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने भी बताया कि नवसृजित क्षेत्र का सर्किल रेट तैयार कर लिया गया है। बहुत जल्दी इसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा। सार्वजनिक करने के बाद प्रस्तावित सर्किल रेट पर क्षेत्र के लोगों से आपत्ति मांगी जाएगी जिसके निस्तारण के बाद ही सर्किल रेट लागू होगा। वहीं मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी पुराने की अपेक्षा में शहरी क्षेत्र के मकानों का ब्रेकर 50 प्रतिशत अधिक होने के सवाल को टाल गए। उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया।
अभी बाकि है सर्वे
रिपोर्ट्स के मुताबिक नगर निगम नवसृजित शहरी क्षेत्रों का सर्किल रेट तय कर दिया है, लेकिन मकानों का अभी सर्वे का कार्य पूरा नहीं हुआ है। सर्वे का कार्य पूरा होने के बाद ही भवन स्वामियों को गृहकर का नगर निगम की ओर से भेजा जाएगा। नगर निगम अभी भी नए क्षेत्र के मकानों का सर्वे कर रहा है।
दूर-दूर तक शहरी सुविधा का अभाव
नगर निगम नवसृजित शहरी क्षेत्र में 24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों के किनारे मकानों का गृह कर सिविल लाइंस से अधिक वसूलने की योजना में है। जबकि नवसृजित क्षेत्र के मोहल्लों में सामान्य शहरी सुविधा दूर-दूर तक नहीं दिखाई पड़ती।
प्रयागराज के सबसे पॉश इलाके माने जाने वाले सिविल लाइंस अशोकनगर टैगोर टाउन आदि क्षेत्रों का सर्किल रेट 03.10 रुपए प्रति वर्ग फीट तय है। जबकि सूत्रों की मानें तो नए क्षेत्र के चौबीस मीटर या इससे अधिक चौड़ी सड़कों के किनारे मकानों का साढ़े चार रुपये प्रति वर्ग फीट सर्किल रेट पर गृहकर लगाने की तैयारी है।
शहरी क्षेत्र में प्रयागराज नगर निगम मालिकों द्वारा गृहकर न जमा करने पर 273 मकानों की कुर्की करेगा। इसके लिए नगर निगम की ओर से मकान मालिकों को नोटिस भेज दी गई है। नगर निगम मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने बताया कि जिन लोगों को नोटिस भेजा गया है यह लोग 10 – 10 साल से गृहकर नहीं जमा किए हैं। इससे पहले नगर निगम ने प्रथम फेज में 184, द्वितीय फेज में 352 मकान मालिकों को कुर्की का नोटिस भेजा था। तीसरे फेज में 273 मकान मालिकों को करीब पांच करोड़, 19 लाख 43 हजार रुपये गृहकर बकाए का नोटिस भेजा गया है।
नगर निगम मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी का कहना है कि बार-बार कहने के बावजूद इन मकानों के मकान मालिक गृहकर नहीं जमा कर रहे हैं। इसलिए उन्हें कुर्की का नोटिस भेजा गया है। उन्होंने बताया कि जितना गृहकर बकाया है, उसके मुताबिक घर के हिस्से को नगर निगम कुर्क करेगा।



