राजस्थान में सत्तासीन कांग्रेस और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। सचिन पायलट ने मंगलवार को जयपुर में शहीद स्मारक पर अनशन करने का ऐलान किया। जबकि राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा (Sukhjinder Singh Randhawa) ने अनशन पर सवाल उठाते हुए एक ट्वीट में सचिन पायलट के तरीके पर आपत्ति व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अगर सचिन पायलट को किसी तरह की कोई दिक्कत थी, तो बात करनी चाहिए थी, इस तरह अनशन करना पार्टी हितों के खिलाफ है।
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि, “सचिन पायलट सवा साल डिप्टी सीएम रहे, तब करप्शन का मुद्दा क्यों नहीं उठाया? मेरे से मुलाकात में कभी उन्होंने करप्शन पर बात नहीं की। पार्टी प्लेटफार्म पर बात करने की जगह सीधे अनशन पर बैठना गलत है।”
सचिन पायलट का एक दिन का अनशन पार्टी हितों के खिलाफ है:रंधावा
सचिन पायलट के 11 अप्रैल को होने वाले अनशन पर सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बयान जारी करते हुए कहा कि, “सचिन पायलट का एक दिन का अनशन पार्टी हितों के खिलाफ है। यह एंटी पार्टी एक्टिविटी है। अगर उन्हें अपनी सरकार से कोई दिक्कत थी। तो उसे मीडिया के बजाय पार्टी फोरम में उठाना चाहिए था। मैं पांच महीने से AICC इंचार्ज हूं, लेकिन पायलट ने कभी भी मेरे साथ इन समस्याओं पर चर्चा नहीं की। मैं उनके संपर्क में हूं और उनसे अभी भी विनम्र तरीके से बात करने की अपील कर रहा हूं, क्योंकि वह कांग्रेस पार्टी की एक संपत्ति हैं।”
कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रही है: रंधावा
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सचिन पायलट को याद दिलाते हुए कहा कि, “कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रही है। सचिन पायलट को मुझसे बात करनी चाहिए थी। मैं सीएम गहलोत से बात करता। अगर उसके बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया जाता, तो फिर पायलट को अनशन का हक था, लेकिन उन्होंने पार्टी में मुद्दे को रखने के बजाय सीधे ही अनशन का रास्ता चुना। जो कि सही नहीं है।”
सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, राजस्थान में अगर भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई नहीं की गई। तो वह गहलोत सरकार के खिलाफ अनशन करेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ खान घोटाले के साथ ही ललित मोदी कांड पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी सरकार ने मजबूती से एक्शन नहीं लिया है।














