त्रिपुरा-नगालैंड में भगवा ने मारी बाज़ी, मेघालय में रह गई पीछे

त्रिपुरा और नगालैंड में बीजेपी गठबंधन पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है।

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पूर्वोत्तर के तीनों राज्यों में चुनाव के नतीजे लगभग साफ हो चुके हैं। त्रिपुरा (Tripura) और नगालैंड (Nagaland) में बीजेपी गठबंधन पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। मेघालय (Meghalaya) में एनपीपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। तीनों राज्यों में देश की सबसे पुरानी राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस की स्थिति सबसे ज्यादा खराब हुई है। तीनों ही राज्यों से कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। वह भी तब जब 2016 तक नॉर्थ ईस्ट के ज्यादातर राज्यों में कांग्रेस और लेफ्ट का ही कब्जा था, लेकिन इसके बाद से सारे समीकरण तेजी से बदल गए। भाजपा ने एक के बाद एक पूर्वोत्तर के आठ में से छह राज्यों पर कब्जा कर लिया है।

त्रिपुरा

त्रिपुरा राज्य में भाजपा ने IPFT के साथ मिलकर चुनाव लड़ा, जबकि कांग्रेस ने लेफ्ट के साथ गठबंधन कर लिया था। भाजपा ने 60 में से 54 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। जबकि IPFT के छह प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। लेफ्ट ने त्रिपुरा में सबसे ज्यादा 43 प्रत्याशी उतारे थे। कांग्रेस के केवल 13 उम्मीदवार मैदान में थे। इसके अलावा सीपीआई, आरएसपी, एआईएफबी भी इस गठबंधन का हिस्सा हैं। इन सभी ने एक-एक सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। एक सीट पर गठबंधन ने निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन किया था।

चुनाव के नतीजों में भाजपा ने सूबे में अपनी सत्ता बरकरार रखा। भारतीय जनता पार्टी को 30 सीटों पर जीत मिल चुकी है और दो पर बढ़त बनी हुई है। बीजेपी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली IPFT ने एक सीट पर जीत हासिल की है। कांग्रेस और लेफ्ट गठबंधन को बड़ा झटका लगा। कांग्रेस ने तीन सीटों पर जीत हासिल की, जबकि लेफ्ट के खाते में 11 सीटें आईं। वही पहली बार चुनाव लड़ रही टिपरा मोथा ने बड़ी कामयाबी हासिल की। इनके 42 में से 13 प्रत्याशियों ने चुनाव में जीत हासिल की है।

नगालैंड

नगालैंड में 59 सीटों पर चुनाव हुए। यहां जुन्हेबोटो की आकुलुटो सीट से भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी और निर्वतमान विधायक काजहेटो किन्मी निर्विरोध चुनाव जीत चुके हैं। ऐसे में इस सीट पर चुनाव नहीं हुए। भारतीय जनता पार्टी और नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (NDPP) का गठबंधन हुआ। इसके तहत एनडीपीपी (NDPP) ने 40 और भारतीय जनता पार्टी ने 20 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। इसके अलावा कांग्रेस और एनपीएफ (NPF) अलग-अलग चुनाव लड़े। कांग्रेस ने 23 और एनपीएफ (NPF) ने 22 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे।

इस बार भी यहां भारतीय जनता पार्टी ने गठबंधन ने बड़ी जीत हासिल की।भारतीय जनता पार्टी के 20 में से 13 उम्मीदवार चुनाव जीत गए। वहीं, एनडीपीपी के 40 में से 25 प्रत्याशी की जीत हुई। कांग्रेस यहां एक भी सीट नहीं जीत पाई। एनपीपी के पांच उम्मीदवार चुनाव जीत गए। यहां एनसीपी ने भी बड़ा खेल किया। एनसीपी के सात प्रत्याशी चुनाव जीत गए हैं।

मेघालय

वही मेघालय में 60 में से 59 सीटों पर चुनाव हुए थे। एक सीट पर एक प्रत्याशी की मौत के चलते चुनाव रद्द हो गया। 59 सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों ने आज सभी को हैरान कर दिया। किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। एनपीपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इनके 25 प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। दूसरे नंबर पर यूडीपी रही। इनके 11 उम्मीदवार चुनाव जीत गए। भाजपा के तीन, टीएमसी के पांच, कांग्रेस के पांच, एचएसपीडीपी, पीडीएफ के दो-दो उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। दो निर्दलीय विधायक भी चुने गए। वाइस ऑफ द पीपल पार्टी के चार उम्मीदवार चुनाव जीत गए।

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