महामाया राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन

छठवें दिन स्कूल चले हम मिशन के अंतर्गत रैली निकालकर छोटे बच्चों को स्कूल में दाख़िले का पाठ पढ़ाया।

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कौशाम्बी: महामाया राजकीय महाविद्यालय (Mahamaya Government College) के राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के छठवें दिन की शुरुआत राष्ट्रीय सेवा योजना कौशाम्बी के नोडल अधिकारी डॉ पवन कुमार द्वारा शिविरार्धियो को योगाभ्यास एवं प्रार्थना से प्रारंभ कराया। योगाभ्यास के उपरांत छात्र-छात्राएं गांव यूसुफपुररारा मे स्कूल चले हम मिशन के अंतर्गत गांव में रैली निकालकर ग्राम वासियों को सभी छोटे बच्चों को स्कूल में दाख़िले का पाठ पढ़ाया एवं नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।

नुक्कड़ नाटक में महामाया राजकीय महाविद्यालय (Mahamaya Government College) के राधिका, ज्योति यादव, पूनम ,कोमल ,मीरा ,कविता, श्रेया, ,हिमांशु, अरुण, बृजेश आदि की टीम द्वारा प्रस्तुत कर साक्षरता जन जागरूकता का प्रयास किया। भोजन के उपरांत बौद्धिक सत्र का आयोजन किया गया। बौद्धिक सत्र का विषय साक्षरता था। जिसकी अध्यक्षता डॉ अजय कुमार ने की। इस बौद्धिक सत्र के विशिष्ट वक्ता डॉ संतोष कुमार एवं सारस्वत अतिथि डाॅ अमित शुक्ल थे।

डॉ संतोष कुमार ने कहा कि 2011 की जनगणना के परिणाम बताते हैं कि देश में साक्षरता में वृद्धि हुई है। देश में साक्षरता दर पुरुषों के लिए 74.04 फीसदी और महिलाओं के लिए 65.46 है। उन्होंने साक्षरता के विकास हेतु विस्तार से चर्चा की। सारस्वत अतिथि डॉ अमित शुक्ल ने कहा कि साक्षरता का मतलब शिक्षित होने की क्षमता होती है, जिससे व्यक्ति समाज में अधिक सकारात्मक योगदान कर सके।

अपने अध्यक्षीय उद्धबोद्धन में डॉ अजय कुमार ने कहा कि साक्षरता से लोग न सिर्फ खुद को बल्कि अपने परिवार और समाज को भी उन्नति की दिशा में आगे बढ़ा सकते हैं। शिक्षित व्यक्ति समाज के सभी क्षेत्रों में योगदान कर सकता है और उसके पास समाज को सुधारने की शक्ति होती है। अंत में कार्यक्रम का संचालन कर रहे डॉ आनंद कुमार ने कहा कि साक्षरता का अभिप्राय व्यक्ति के सुनने बोलने पढ़ने लिखने से है। अंत में कार्यक्रम अधिकारी ने अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापन किया।

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