सिक्किम: बादल फटने से हुई भीषण तबाही के बाद शाको चो झील फटने का मंडरा रहा खतरा

झील फटने के कगार पर है, जिसके बाद अधिकारियों को किनारे रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी करना पड़ा।

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सिक्किम में दक्षिण ल्होनक झील के ऊपर बादल फटने से हुई भीषण तबाही के बाद मंगन जिले में लाचेन के पास शाको चो झील फटने का भी खतरा मंडरा रहा है। यही वजह है कि झील के किनारे का इलाका खाली कराया जा रहा है। झील के किनारे रहने वाले लोगों को बाहर निकालना शुरू कर दिया गया है। दरअसल झील फटने के कगार पर है, जिसके बाद अधिकारियों को किनारे रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी करना पड़ा।

दरअसल शाको चो ग्लेशियल झील थांगु गांव के ऊपर है। यह 1.3 किमी लंबा है, यहां से गांव सिर्फ 12 किमी दूर है। झील में बढ़ते पानी को देखते हुए अधिकारियों ने गंगटोक जिले के सिंगतम, मंगन जिले के डिक्चू और पाक्योंग जिले के रंगपो आईबीएम क्षेत्र के पूरे गोलितर इलाके को खाली करा लिया है।

गंगटोक के जिला मजिस्ट्रेट तुषारे निखारे ने कहा कि सैटेलाइट डेटा से साको चू के ऊपर ग्लेशियर के तापमान में असामान्य बढ़ोतरी देखी गई है। अधिकारी ने कहा कि अगर टेंपरेच स्थिर हो गया तो कोई दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने कहा था कि सुबह फिर से वह इलाके की स्थिति की जांच करेंगे। तुषार निखारे ने कहा कि एहतियाती उपाय के रूप में लोगों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि झील में गाद जमा हो गई है। अचानक पानी आने से झील फटेगी तो इससे लोगों को नुकसान पहुंच सकता है।

वहीं केंद्र सरकार ने कहा कि वह बाढ़ का पानी कम होने के बाद सिक्किम में जलविद्युत परियोजनाओं को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करेगी। बिजली मंत्रालय ने कहा कि राज्य के स्वामित्व वाली जलविद्युत कंपनी एनएचपीसी जलविद्युत परियोजनाओं को जल्द से जल्द चालू करने के लिए हर संभव उपाय कर रही है। बता दें कि मंगलवार को बादल फटने से आई बाढ़ में अब तक 19 लोगों की जान जा चुकी है, इनमें सेना के 6 जवान भी शामिल हैं। 16 जवानों समेत 100 लोगों का अब तक कुछ भी पता नहीं चल सका है। लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

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