मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री, राज्यसभा सांसद और कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) द्वारा रविवार को किए गए एक ट्वीट के बाद दमोह में अलर्ट की स्थिति बन गई है। हिन्दू संगठनों ने उनसे माफी मांगने की मांग की है। प्रसिद्ध जैन तीर्थ कुंडलपुर को लेकर किए गए ट्वीट के बाद प्रदेश स्तर पर दमोह के अधिकारियों में चर्चा हो रही। इसके बाद जांच में ट्वीट की जानकारी को भ्रामक बताया गया। इस मामले में बजरंग दल, जैन पंचायत और विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष की मौजूदगी में दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) के ट्वीट को गलत बताया गया, साथ ही माफी मांगने की भी बात कही गई।
बता दें कि दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) और डीजीपी को ट्वीट करते हुए लिखा था, ‘दमोह जिले के प्रसिद्ध जैन तीर्थ क्षेत्र कुंडलपुर में बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ता शिवलिंग लेकर बैठे हैं और उत्पात कर रहे हैं जिसका संज्ञान मुख्यमंत्री लें। स्थिति कभी भी गंभीर मोड़ ले सकती है।’ इस ट्वीट के बाद प्रदेश भर में हलचल मच गई थी। वहीं प्रशासन ने इसकी वास्तविकता के निर्देश जारी किए, साथ ही क्षेत्र में अलर्ट घोषित कर दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री के आरोप के बाद कुंडलपुर कमेटी और बजरंग दल ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। कुछ असामाजिक तत्व शराब के नशे में परिसर में प्रवेश किया था, जिन्हें वहां से भगा दिया गया। वहीं जिला प्रशासन ने बयान जारी किया कि सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी और आरोप भ्रामक-तथ्यहीन हैं। जैसे ही घटना का खंडन हुआ दिग्विजय सिंह ने अपना ट्वीट हटा लिया।
इस घटना के बाद बीजेपी ने एक बार फिर दिग्विजय सिंह पर हमला बोल दिया है। दमोह बीजेपी जिलाध्यक्ष प्रीतम लोधी ने उन्हें बंटाधार बताते हुए कहा है कि सूबे में दिग्विजय सिंह की कोई चाल चल नहीं सकती और ऐसा करके वो माहौल बिगाड़ रहे हैं।














