ग्रहों की बदलती हुई चाल का व्यक्ति के जीवन पर बहुत प्रभाव होता है। ग्रह जब अपनी चाल बदलते हैं तो वे कुंडली (horoscope) में शुभ और अशुभ फल प्रदान करते हैं। यह ग्रह अपनी प्रकृति के अनुसार फल प्रदान करते हैं। जिससे आपके जीवन में अच्छी और बुरी घटनाएं घटित होती हैं। ग्रहों के अशुभ प्रभाव के कारण जीवन में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष में ग्रहों का दोष दूर करने के लिए कई उपाय बताए गए हैं, जिन्हें करने से ग्रहों के अशुभ प्रभाव से मुक्ति पाई जा सकती है। तो चलिए जानते हैं उपाय।
शनि ग्रह

ज्योतिष में शनि और राहु-केतु को क्रूर ग्रह माना जाता है। इन ग्रहों के अशुभ फल से मुक्ति पाने के लिए माह की अमावस्या तिथि को पीपल के वृक्ष की पूजा करनी चाहिए और जल चढ़ाना चाहिए। इससे आपके नौकरी व्यवसाय की समस्याएं दूर होती हैं।
मंगल ग्रह

मंगल ग्रह को साहस, पराक्रम और भूमि-भवन का कारक माना गया है। मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए मंगलवार के दिन मसूर की दाल का दान करनी चाहिए। इससे आपकी भूमि-भवन से संबंधित समस्याएं दूर होती हैं।
बुध ग्रह

बुध को वाकपटुता और चातुर्य का कारक माना जाता है यदि किसी के बुध ग्रह अशुभ फल प्रदान कर रहा हो तो प्रत्येक बुधवार को भगवान गणेश का पूजन करना चाहिए और उन्हें दूर्वा घास अर्पित करनी चाहिए।
गुरु ग्रह

ज्योतिष के अनुसार गुरू ग्रह को सुख-समृद्धि और सफलता का कारक माना जाता है। गुरू ग्रह का अशुभ प्रभाव कम करने के लिए हर गुरूवार को भगवान विष्णु को केले का भोग लगाना चाहिए और केले के पेड़ में जल अर्पित करना चाहिए।
सूर्य ग्रह

यदि किसी की कुंडली में सूर्य कमजोर हो तो प्रतिदिन या हर रविवार को तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें रोली और पुष्प डालकर सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए।
चन्द्र गृह

ज्योतिष में चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। कुंडली (horoscope) में चंद्र दोष होने पर व्यक्ति को मानसिक परेशानियां होने लगती हैं। चंद्र दोष दूर करने के लिए प्रत्येक माह महीने की पूर्णिमा का व्रत करना चाहिए और रात को चंद्रदेव की पूजा करके अर्घ्य देना चाहिए।














