उत्तरप्रदेश के प्रयागराज जिले में बीती 24 फरवरी को दिनदहाड़े हुए उमेश पाल हत्याकांड के 19 दिन बीत चुके हैं। लेकिन, वारदात को अंजाम देने वाले अतीक अहमद का बेटा असद, मुस्लिम गुड्डू, गुलाम, अरमान और साबिर फरार हैं। इन सभी पर पांच लाख का इनाम घोषित है। 12 मार्च को एसटीफ टीम बमबाज गुड्डू मुस्लिम के काफी करीब पहुंच गई थी। लेकिन वह एसटीफ के पहुंचने से 20 मिनट पहले फरार हो गया।
मिली जानकारी के मुताबिक, मेरठ के जिस मकान में गुड्डू मुस्लिम ने पनाह ली थी, एसटीफ उस घर के मालिक से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, शूटर्स तेजी से लोकेशन चेंज कर रहे हैं। लेकिन एसटीफ लगातार अतीक के गुर्गों और उसकी मदद करने वालों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
500 जगहों पर छापेमारी
उमेश पाल हत्याकांड में फरार शूटरों को पकड़ने के लिए एसओजी, एसटीफ और उत्तर प्रदेश पुलिस की 22 टीमें लगाई हैं। पांच शूटरों को पकड़ने के लिए अभी तक एसटीफ नेपाल और थाईलैंड में छापेमारी कर चुकी है। साथ ही STF की टीमें पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, गुजरात और पंजाब, महाराष्ट्र समेत 13 राज्यों में 500 जगहों पर छापे मार चुकी हैं।
हर शूटर के लिए 3 डेडिकेटेड टीमें काम कर रही हैं। 3 टीमों को कॉल डिटेल और सर्विलांस के लिए लगाया गया है। जबकि 4 टीमें पूछताछ और तलाशी के दौरान मिलने वाली अहम जानकारियों की कड़ी से कड़ी जोड़ने में लगी हैं।
गनर एहतेशाम की तलाश जारी
हत्याकांड में माफिया अतीक अहमद के सरकारी सुरक्षाकर्मी रहे एहतेशाम की भी नाम जुड़ रहा है। पुलिस को आशंका है कि वह भी उमेश पाल हत्याकांड में शामिल हो सकता है। सरगना अतीक अहमद 2004 में फूलपुर लोकसभा सीट से सांसद बना था। जिसके बाद उसे सुरक्षा दी गई थी। इसमें सराय अकिल कोतवाली के पुरखास गांव में रहने वाला एहतेशाम भी शामिल था। 25 जनवरी, 2005 को बसपा विधायक रहे राजू पाल का मर्डर हो गया था।
राजू पाल का मर्डर में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ का नाम आया था। जिसके बाद दोनों गिरफ्तार कर लिए गए थे। अतीक के जेल जाने के बाद से ही एहतेशाम गायब चल रहा है। उसने पुलिस लाइन में अपनी आमद नहीं कराई है। जिसके बाद से तलाश जारी थी।
उमेश पाल हत्याकांड के बाद से माना जा रहा है कि एहतेशाम ने पुलिस की सेवा छोड़कर माफिया अतीक के लिए काम करना शुरू कर दिया था। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है। फिलहाल एहतेशाम पुलिस सेवा से बर्खास्त चल रहा है। उमेश पाल का मर्डर होने के बाद एक बार फिर एहतेशाम की तलाश शुरू हो गई है।



