Homeन्यूज़Amit Shah: 'संसद केवल सत्ता पक्ष या केवल विपक्ष से नहीं चलती'

Amit Shah: ‘संसद केवल सत्ता पक्ष या केवल विपक्ष से नहीं चलती’

कांग्रेस नेता राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) के द्वारा लन्दन में दिए गए बयान के बाद राजनितिक गलियों में काफी हंगामा मचा हुआ है। जहाँ इन हंगामो के बीच कई बार संसद के कार्य भी स्थगित हो गए है। वही बीजेपी नेता लगातार राहुल गाँधी से माफ़ी मांगने की बात कर रहे है। अब इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने शुक्रवार को कहा कि, अगर विपक्ष वार्ता के लिए आगे आए तो संसद में जारी मौजूदा गतिरोध को दूर किया जा सकता है।

आप केवल संवाददाता सम्मेलन कीजिए और कुछ न कीजिए, ऐसा नहीं चलता:शाह

गृहमंत्री ने कहा कि, अगर विपक्ष दो कदम आगे बढ़ाए तो सरकार उससे भी दो कदम आगे बढ़ेगी। अमित शाह ने यहां आयोजित ‘इंडिया टुडे कॉन्क्लेव’ में कहा कि, ऐसे कई मुद्दें हैं, जो राजनीति से ऊपर हैं और यहां तक कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी विदेशी धरती पर घरेलू राजनीति पर चर्चा करने से मना कर दिया था।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि, “दोनों पक्ष लोकसभा अध्यक्ष के साथ बैठें। उन्हें दो कदम आगे आना चाहिए और हम उससे भी दो कदम आगे बढ़ाएंगे। तब संसद चलेगी, लेकिन आप केवल संवाददाता सम्मेलन कीजिए और कुछ न कीजिए, ऐसा नहीं चलता। संसद केवल सत्ता पक्ष या केवल विपक्ष से नहीं चलती। दोनों को एक-दूसरे से बात करनी ही होती है।”

वे नारेबाजी कर रहे हैं कि संसद में बोलने की आजादी होनी चाहिए:शाह

अमित शाह ने आगे कहा कि, “हमारी पहल के बावजूद विपक्ष की ओर से बातचीत का प्रस्ताव नहीं आया। हम किससे बात करें? वे मीडिया से बातचीत कर रहे हैं। वे नारेबाजी कर रहे हैं कि संसद में बोलने की आजादी होनी चाहिए। संसद में बोलने की पूरी आजादी है। आपको बात करने से कोई नहीं रोक रहा।” हालांकि शाह ने कहा कि, सभी को नियमों का पालन करना चाहिए और उन्मुक्त नहीं होना चाहिए और प्रत्येक को नियमावली पढ़नी चाहिए और उन्हें समझना चाहिए।

आप सड़क चलते व्यक्ति की तरह संसद में नहीं बोल सकते: शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि, “संसद में बहस नियमों के तहत होती है। आप सड़क चलते व्यक्ति की तरह संसद में नहीं बोल सकते। अगर उनको इन मूल बातों की जानकारी नहीं है तो हम क्या करें।”

मैं कुछ भी अपने देश के बारे में नहीं कहूंगी: इंदिरा गाँधी

अमित शाह ने दो घटनाओं के बारे में बात करते हुए कहा कि, “इंदिरा गांधी आपातकाल के बाद इंग्लैंड गईं थीं और उस वक्त शाह आयोग का गठन हुआ था तथा इंदिरा गांधी को जेल में भेजने के प्रयास चल रहे थे। उस समय कुछ रिपोर्टर्स ने (इंग्लैंड में) इंदिरा से सवाल किया कि, उनका देश कैसा चल रहा है। जिसपर उन्होंने कहा था कि हमारे बीच कुछ समस्याएं हैं, लेकिन मैं उनपर यहां कुछ नहीं कहना चाहती। मेरा देश ठीक चल रहा है। मैं कुछ भी अपने देश के बारे में नहीं कहूंगी। यहां मैं एक भारतीय हूँ।”

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