जाने क्यों पड़ते है मिर्गी के दौरे और इस प्रकार करे बचाव?

भारत में लोगो को मिर्गी के बारे में जागरुक करने के लिए हर साल 17 नवंबर को 'नेशनल एपिलेप्सी डे' मनाया जाता है।

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मिर्गी आना एक न्यूरोलॉजिकल डिसॉर्डर होता है, जिसमें दिमाग के भीतर असामान्य तरंगें उत्पन्न होने लगती हैं। ऐसी स्थिति में इंसान को बार-बार दौरा पड़ने लगता है। जब दौरा पड़ता है तो दिमाग और शरीर का संतुलन पूरी तरह से बिगड़ जाता है। बेहोश होकर कुछ लोग जमीन पर गिर जाते हैं, कुछ लोग लड़खड़ाने लगते हैं। अगर समय पर इसका इलाज नहीं कराया गया तो ये बीमारी काफी खतरनाक साबित हो सकती है। भारत में लोगो को मिर्गी के बारे में जागरुक करने के लिए हर साल 17 नवंबर को ‘नेशनल एपिलेप्सी डे’ मनाया जाता है।

जाने क्या है वजह मिर्गी पड़ने के

डॉक्टर्स की मानें तो कई बार रोगियों में मिर्गी के सही कारणों का पता लगा पाना मुश्किल हो जाता है। कुछ लोगों को किसी गंभीर बीमारी के बाद मिर्गी के दौरे पड़ने लगते हैं। दिमाग में गंभीर चोट लगने या चोट के निशान रह जाने पर भी लोगों को मिर्गी का दौरे पड़ने लगते है। कार्डियोवस्क्युलर डिसीज यानि हार्ट से जुड़ी बीमारियां होने पर भी इंसान को मिर्गी की बीमारी हो सकती है। कुछ मामलों में तेज बुखार भी दिमाग पर असर डाल सकता है।

मिर्गी के लक्षण

मिर्गी दो तरह के दौरा पैदा करती है। जिसमें एक होता है जनरलाइज्ड एपिलेप्सी इस कंडीशन में पूरे दिमाग में दौरा पड़ता है। ये तब तक होता है जब तक कि इंसान बेहोश न हो जाए। दूसरा होता है फोकल एपिलेप्सी, ऐसी स्थिति में दिमाग के कुछ हिस्सों में इलेक्ट्रिकल तरंगे दौड़ती हैं। ऐसी स्थिति में इंसान के सूंघने या चखने की शक्ति बदल जाती है। शरीर में मरोड़ आने लगती है चक्कर आने लगता है और देखने, सुनने या फील करने की क्षमता खो जाती है।

  • यदि आपको ब्रेन स्ट्रोक आया है तो इससे आपको मिर्गी के दौरा पड़ने का खतरा रहता है।
  • अगर ब्रेन में ऑक्सीजन की सप्लाई कम हो जाती है तो भी मिर्गी का दौरा पड़ सकता है।
  • एक्सपर्ट्स की मानें तो ब्रेन ट्यूमर या दिमाग में फोड़ा होने पर भी ये खतरा पैदा हो सकता है।
  • जिन लोगों को उम्र बढ़ने पर डेमेंशिया या अल्जाइमर जैसी बीमारियां होती हैं उन्हें भी मिर्गी के दौरे पड़ सकते हैं।
  • एड्स या मैनिंजाइटिस से पीड़ित व्यक्ति के भी मिर्गी की चपेट में आने का खतरा बढ़ जाता है।
  • कई बार नशीली दवाओं के सेवन और जेनेटिक कारणों से भी मिर्गी के दौरे पड़ सकते हैं।

मिर्गी के दौरे से ऐसे बचें

डॉक्टर की बताई दवा समय पर और नियमित रूप से खाएं, हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। इसी के साथ पर्याप्त नींद लेना जरूरी होता है। नियमित व्यायाम करना जरूरी है, तनाव और चिंता कम करें, संतुलित आहार खाएं, शराब और नशीली चीजों से दूर रहें और दिन में खूब पानी पिएं। इन सभी चीज़ो को अपना कर आप मिर्गी जैसी गंभीर बीमारी से बच सकते है।

Disclaimer: यह लेख सिर्फ एक सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पूर्व किसी चिकित्षक या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य ले

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