Homeराज्यउत्तर प्रदेशप्रयागराज : बहुत जल्द यमुना नदी की धारा में रेस्टोरेंट

प्रयागराज : बहुत जल्द यमुना नदी की धारा में रेस्टोरेंट

उत्तर प्रदेश के तीर्थराज नगरी प्रयागराज में आप सभी बहुत जल्द ही यमुना नदी की धारा में रेस्टोरेंट एवं पार्टी का आनंद उठा सकेंगे। स्मार्ट सिटी के तहत बनने वाले इस रेस्टोरेंट पर कुल 5.06 करोड़ रुपये खर्च होंगे। संगम दर्शन के साथ फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का भी लुफ्त उठा सकेंगे, जो त्रिवेणी दर्शन के ठीक सामने बनने जा रहा है।

मंडलायुक्त की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में इसका प्रस्तुतीकरण हुआ। जिसमें यदि किसी प्रकार की बाधा नहीं आई तो चार से पांच महीने में रेस्टोरेंट का शुभारम्भ हो जाएगा। इसमें 40 से 50 लोगों के बैठने की सुविधा होगी। यहाँ पर सामान्य रेस्टोरेंट की तरह अलग-अलग जायके का तो लुत्फ तो उठाया ही जा सकेगा अपितु छोटी पार्टी व समारोह आदि का आयोजन भी किए जा सकेंगे। जिसके लिए इसमें दो हॉल भी दिये गए है।

त्रिवेणी में रेस्टोरेंट के अलावा बोट शेड होगा। फ्लोटिंग रेस्टोरेंट को वाटर फ्रंट से जोड़ने के लिए एक स्लिपवे, नदियों में पार्टी एवं अधिक लोगों को एक साथ बोटिंग के दृष्टिगत दो कैटामारन होंगे। दुर्घटना से लोगों को बचाने के लिए दो स्पीड बोट, पर्याप्त मात्रा में लाइफ जैकेट तथा लाइफ गार्ड्स के भी इंतजाम होंगे। फ्लोटिंग रेस्टोरेंट में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम के दावे किए जा रहे हैं। यमुना नदी में वाटर स्पोर्ट्स के विकास की भी योजना बनाई गई है। इसके लिए वहां बोटिंग की सुविधा भी होगी।

मंडलायुक्त ने बताया कि इसके लिए एनजीटी की अनुमति समेत अन्य प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। मानसून से पहले इसका निर्माण करा लिया जाएगा। इस रेस्टोरेंट का आनंद आप सिर्फ नौ महीने ही ले पाएंगे। जिसके बाद बारिश के दिनों में तीन महीने के लिए किला घाट पर सुरक्षित खड़ा कर दिया जाएगा। सलाहकार कमांडर राजेंद्र निगम ने बताया कि इसमें अच्छे रेस्टोरेंट की सभी सुविधाएं होंगी। मेन्यू के अलग-अलग पैकेज होंगे। इनकी कीमत ऐसी होगी कि सामान्य लोग भी इसमें आ सकें।

महाकुंभ-2025 से पहले संगम से अंदावा के बीच एक लाइन पर मेट्रो चलाने का भी निर्णय लिया गया था, लेकिन समय की कमी को देखते हुए इसे लेकर संशय बन गया है कि एक रूट का निर्माण कार्य पूरा हो पाएगा या नहीं इस पर 15 दिनों के भीतर निर्णय होने की उम्मीद है। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बुधवार को बैठक कर प्रगति की जानकारी ली। साथ ही राइट्स समेत अन्य संस्थाओं से 15 दिनोें में रिपोर्ट मांगी है।

लाइट मेट्रो के सर्वे एवं डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी रेलवे की संस्था राइट्स तथा यूएमटीएस को दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि महाकुंभ-2025 आयोजन से पहले लाइट मेट्रो का संचालन हो पाएगा या नहीं।

बुधवार को उत्तर प्रदेश द्वारा प्रस्तुत बजट में आगरा एवं कानपुर मेट्रो के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। वाराणसी, गोरखपुर आदि शहरों में लाइट मेट्रो के लिए भी बजट का प्रावधान किया गया है लेकिन प्रयागराज का नाम नहीं लिया गया। हालांकि शहरों के नाम के आगे आदि शब्द का उपयोग किया गया है। ऐसे में महाकुंभ से लाइट मेट्रो के एक रूट के निर्माण की उम्मीदों को झटका लगा है।

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