हिमाचल प्रदेश की चंबा पुलिस के इनपुट पर दिल्ली रेलवे पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा का उल्लंघन करने वाले साइबर क्रिमिनल सफीकुल आलम को हिरासत में लिया है। उसकी गिरफ्तारी से एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जो अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वाले लोगों के लिए आधार कार्ड बना रहा था।
दरअसल हिमाचल प्रदेश में आधार कार्ड बनाने की फ्रेंचाइजी एक फर्म ने ली हुई है। इस फर्म के ऑपरेटर का आईडी और पासवर्ड आरोपियों ने क्लोन कर लिया था। इस गैंग के खिलाफ चंबा पुलिस ने केस दर्ज किया है। फरार सफीकुल आलम को दिल्ली पुलिस की जीआरपी ने नई दिल्ली स्टेशन पर गिरफ्तार किया है। सफीकुल आलम पर हिमाचल के चम्बा थाने में साइबर और आईटी एक्ट के तहत कई मामले दर्ज है।
दिल्ली पुलिस आरोपी की नागरिकता की जांच कर रही है। पुलिस को इसके बांग्लादेशी नागरिक होने की अंदेशा है। जांच से पता चला है सफीकुल आलम और इसके नेटवर्क के लोगों ने हिमाचल में आधार कार्ड की फ्रेंचाई लेने वाली कम्पनी के कमर्चारियों की ID क्लोन कर ली थी। इसके बाद यह लोग बंगाल से बैठ कर भारत में घुसपैठियों के आधार कार्ड बनाते थे। इसकी गिरफ्तारी के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियां भी सकते में आ गई है।
36 साल का आरोपी सफीकुल आलम गुरुग्राम का रहने वाला है। हालांकि उसका मूलपता पश्चिम बंगाल का है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी सफीकुल को हिमाचल प्रदेश पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस ने मुताबिक इस मामले में ये दूसरी गिरफ्तारी है। पुलिस के मुताबिक ये गैंग काफी बड़ा है।
