मणिपुर हिंसा के विरोध में आज अमृतसर में दिखा पंजाब बंद का असर

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Amritsar

Amritsar: मणिपुर में हिंसा के खिलाफ वाल्मिकी और ईसाई समुदाय ने पंजाब बंद का आह्वान किया है। अमृतसर (Amritsar) में भी हमें पूर्ण बंद का समर्थन दिख रहा है। सफाई कर्मचारी संघ की ओर से भी पूरा समर्थन दिया गया। आज पूरे शहर में सफाई सेवाएं पूरी तरह से बंद रहेंगी। वाल्मिकी समाज ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे हैं। देश के लिए इससे ज्यादा शर्मनाक बात क्या हो सकती है कि बहन-बेटियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। कई सार्वजनिक संगठनों ने ईसाई समुदाय का समर्थन किया है।

पुलिस प्रशासन की ओर से पूरी व्यवस्था की गयी है। पुलिस ने लोगों से शांतिपूर्ण समुदाय बनाए रखने की अपील की गयी है। पंजाब बंद को सफल बनाने के लिए दुकानदारों, स्कूल, कॉलेज, शॉपिंग मॉल को बंद रखने का अनुरोध किया गया है। इस बीच एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड आदि आपातकालीन सेवाएं बिल्कुल भी नहीं रोकी गयी। वाल्मिकी और ईसाई समुदाय के नेता बाजारों में निकले और लोगों से दुकानें बंद करने की अपील की। यह शर्मनाक है कि सरकार की नाकामी के बाद सुप्रीम कोर्ट को खुद संज्ञान लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करती तो मणिपुर में ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे हैं। उसे केंद्र में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

मोगा में निहंग पर चली गोलिया

मोगा के कस्बा कोट इसेखान में आज अलग अलग संघठनो द्वारा मणिपुर की घटना को लेकर बंद का आह्वान किया गया। वही एक निहंग द्वारा एक दुकान को बंद करवाने के लिए कहा गया तो उनकी आपस में कहा सुनी हो गई और दुकान दार ने निहंग पर गोली चला दी, जिससे निहंग जख्मी हो गया जिसे एक निजी हस्पताल में भर्ती करवाया गया है और पुलिस जांच कर रही है।

डीसीपी ने किया शहर का निरीक्षण

पंजाब बंद के आह्वान पर आज डीसीपी लायन आर्डर खुद सारे शहर का निरीक्षण कर रहे हैं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी टीम में पूरे शहर का राउंड कर रही हैं। जिम जैसे बंधुओं ने कहा कि उन्होंने पूरा आश्वासन दिया है कि शहर में कोई भी अप्रिय घटना नहीं होगी।

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