केजरीवाल ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में मौजूद स्कूलों को बंद करने का किया एलान

अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट में लिखा कि दिल्ली के जिन इलाक़ों में पानी भर रहा है वहां पर सब सरकारी व प्राइवेट स्कूलों को बंद कर रहे हैं।

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूलों को बंद करने का घोषणा किया है। अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने एक ट्वीट में लिखा कि दिल्ली के जिन इलाक़ों में पानी भर रहा है वहां पर सब सरकारी व प्राइवेट स्कूलों को बंद कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और कई इलाकों में पहले ही बाढ़ आ गई है। ऐसे में दिल्ली के सिविल लाइंस जोन के निचले इलाकों में 10 स्कूल, शहादरा (दक्षिण) जोन में 6 स्कूलों और शहादरा (उत्तर) जोन में स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है।

बता दें कि दिल्ली में यमुना का जलस्तर गुरुवार को सुबह बढ़कर 208.48 मीटर पर पहुंच गया, जिससे आसपास की सड़कें, सार्वजनिक व निजी बुनियादी ढांचे जलमग्न हो गए और नदी के पास रहने वाले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर बुधवार रात 208 मीटर के निशान को पार कर गया था और गुरुवार सुबह 8 बजे तक बढ़कर 208.48 मीटर पर पहुंच गया।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, इसके और बढ़ने की आशंका है, उन्होंने इसे ‘भीषण स्थिति’ करार दिया है। हर गुजरते घंटे के साथ स्थिति बिगड़ने के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया और पुलिस ने एहतियाती तौर पर राष्ट्रीय राजधानी के बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में बुधवार को धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी। इस धारा के तहत चार से अधिक लोगों के एक ही स्थान पर एकत्रित होने पर रोक होती है। इसके साथ ही उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूल बंद करने का भी एलान किया है।

उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने यमुना के बढ़ते जलस्तर को लेकर आज दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की बैठक बुलाई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में अरविन्द केजरीवाल ने अनुरोध किया, “यदि संभव हो तो हरियाणा में हथिनीकुंड बैराज से पानी धीरे-धीरे छोड़ा जाए।’ अरविन्द केजरीवाल ने गृहमंत्री अमित शाह का ध्यान आगामी जी-20 शिखर सम्मेलन की ओर आकर्षित करते हुए लिखा कि दिल्ली कुछ हफ्तों में जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने वाली है।

बता दें कि यमुना पर 2 प्रमुख बैराज हैं, देहरादून में डाकपत्थर और यमुनानगर में हथिनीकुंड। नदी पर कोई बांध नहीं हैं और इसलिए अकसर मॉनसून के जल का इस्तेमाल नहीं हो पाता जिसके परिणामस्वरूप बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। जहाँ दिल्ली में पिछले 3 दिन में यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।

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