प्रयागराज उमेश पाल हत्याकांड में नामजद आरोपी अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन पुलिस के लिये दिन प्रति दिन एक पहेली बनती जा रही है। उसकी तलाश में पुलिस जगह-जगह छापेमारी कर रही है लेकिन पुलिस के हाथ अभी तक कुछ नहीं लगा है। दूसरी तरफ शाइस्ता अपने वकीलों के माध्यम से याचिकाएं दाखिल कर रखी हैं। जिससे साफ जाहिर है कि शाइस्ता अपने वकीलों के संपर्क हैं लेकिन फिर भी पुलिस उसके बारे में कुछ पता नहीं लगा पा रही है।
पुलिस के दांवपेंचों से है वाकिफ
शाइस्ता परवी हेड कांस्टेबिल फारुख की बेटी हैं। शादी से पहले वह अलग थानों के सरकारी क्वार्टर में रही हैं। उनकी परवरिश का ज्यादा हिस्सा प्रतापगढ़ में बीता। यहां भी पट्टी कोतवाली में फारुख का परिवार कई साल रहा है। यहीं रहते हुए शाइस्ता की अतीक से शादी हुई थी। वह थाने के क्वार्टर में पली बढ़ी हैं, हेड कांस्टेबिल की बेटी हैं, इसलिए पुलिस के दांवपेंचों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। कई बार ऐसा हुआ कि पुलिस ने किसी गांव में दबिश दी, पता चला कि शाइस्ता कुछ घंटे पहले ही निकल गईं। वह लगातार अपनी रिहाइश बदल रही हैं।
बढ़ाया जा सकता है इनाम
मोबाइल का प्रयोग नहीं कर रही हैं। न ही वे अपने करीबियों से संपर्क में हैं। इसी कारण पुलिस उन्हें नहीं पकड़ पा रही है। शाइस्ता को पकड़ने के लिए पुलिस राजरूपपुर, चकिया, मरियाडीह, असरौली, असरावल, हटवा और पूरामुफ्ती के तमाम गांवों में दबिश दे रही हैं। उन्हें कौशांबी के कछारी इलाकों के गांवों में भी खोजा रहा है। पुलिस अधिकारी काफी दिनों से कह रहे हैं कि शाइस्ता न मिलीं तो उन पर इनाम बढ़ाया जाएगा। उनके पोस्टर जारी किए जाएंगे लेकिन पुलिस उन्हें ढूंढ नहीं पा रही है।


