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पानीपत से पोरबंदर तक 1400 किमी लंबी ग्रीन वॉल परियोजना, 2030 तक होगी पूरी

Gurugram: गुरुग्राम के गांव टीकली से केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने शनिवार को पीपल का पौधा लगाकर हरित दीवार निर्माण की शुरुआत कर दी है। इसके अंतर्गत पांच किलोमीटर चौड़ी और 1400 किलोमीटर लंबी यह ग्रीन वॉल गुजरात के पोरबंदर से लेकर हरियाणा के पानीपत तक बनाई जाएगी।

थार के मरुस्थलको बढ़ने से रोकने के लिए विश्व का तीसरा सबसे बड़ा मानव निर्मित जंगल विकसित किया जा रहा है। इसकी कुल लंबाई अरावली पर्वत शृंखला से लगभग दोगुनी होगी। जो देश के तीन राज्यों से होकर गुजरेगी।

पांच किलोमीटर चौड़ी और 1400 किलोमीटर लंबी यह ग्रीन वॉल गुजरात के पोरबंदर से लेकर हरियाणा के पानीपत तक बनाई जाएगी। इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य 2030 तक रखा गया है। हरियाणा में यह दीवार नूंह, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ से होकर गुजरेगी।

इसके बनने से दक्षिण हरियाणा में स्थित अरावली पर्वत माला के पहले के स्वरूप में लौटने की उम्मीद की जा रही है। विश्व वानिकी दिवस को लेकर हो रही गतिविधियों के तहत अरावली पर्वत शृंखला में हरियाली व जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र ने हरियाणा सरकार के सहयोग से अरावली ग्रीन वॉल परियोजना की शुरुआत की है।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास कर रहा है। इस कड़ी में ग्रीन वॉल की रूपरेखा तैयार की जा रही है और इसके लिए राष्ट्रीय कार्य योजना की भी शुरुआत हो गई है। भारत के पश्चिम में स्थित अरावली, मध्य में स्थित विंध्या व दक्षिण में स्थित सह्याद्री के पर्वतों से भी लंबी होगी यह मानव निर्मित ग्रीन वॉल। बता दें कि अरावली की लंबाई 692 किलोमीटर है।

बीते बीस वर्षों में तथाकथित विकास और अवैध खनन के कारण अरावली की पहाड़ियां समतल हो चुकी हैं। अब यह भारत के पश्चिम और पाकिस्तान की ओर से आने वाली धूल भरी हवाओं को रोकने में नाकाम साबित हो रही है।

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