इन दिनों देवी आराधना का पर्व नवरात्र चल रहा है। हर दिन देवी के अलग-अलग रूप की पूजा करने का विधान है। काशी में नव दुर्गा के अलग-अलग मंदिर है। हर दिन अलग देवी के दर्शन की मान्यता है। आज चौथा दिन है और देवी के कूष्मांडा स्वरूप जिसे दुर्गा रूप में पूजा जाता है।
उनके दर्शन का विधान है काशी के दुर्गा कुंड क्षेत्र में स्थित इस मंदिर की महिमा अपरंपार है और मान्यता है। कि यहां दर्शन करने मात्र से डर भय दूर होता है और माता भक्तों पर अपनी कृपा बनाती हैं।
नवरात्रि के चौथे दिन देवी दुर्गा के स्वरूप के दर्शन का विधान है चेहरे पर अद्भुत तेज और सिंह पर सवार मां कुष्मांडा के इस रूप का दर्शन करने मात्र से भक्तों के अंदर व्याप्त डर भय दूर होता है। मां भक्तों को शक्ति का संचार करने का आशीर्वाद देते हैं
मां के इस रूप के दर्शन करने के लिए वैसे तो हर बार दूर-दूर से लोगो यहां पर पहुंचते थे। लेकिन इस बार कोरोना के डर से लॉक डाउन की वजह से मंदिर में भक्तों की भीड़ नहीं है। फ़िलहाल नवरात्र के चौथे दिन माता के स्वरूप के दर्शन के साथ आप अपने दिल को उत्तम बनाएं।


