महाराष्ट्र के अकोला जिले में एक बड़ा हादसा हो गया है। दरअसल, रविवार शाम को पड़ोस के ही बाबा जी महाराज मंदिर के सामने प्रसाद वितरण शुरू हुआ। लेकिन इसी दौरान तेज तूफान हवा और बारिश के कारण एक बड़ा पुराना नीम का पेड़ टीन के छप्पर पर गिर पड़ा। इसी टीन के छप्पर के नीचे कई भक्त खड़े थे। जिनमें से कई लोग इसके नीचे दब गए।
जानकारी के मुताबिक पेड़ गिरने से 35 से 40 भक्त इसके नीचे दब गए थे। जिसमें अब तक 7 लोगों की मौत हुई तो 23 जख्मी हुए। जिनका इलाज अकोला मेडिकल कॉलेज में जारी है। हालांकि घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने और बालापुर पुलिस ने घटनास्थल पर जाकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीन के छप्पर के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया।
स्थानीय हिंदू मुस्लिम सभी धर्मों के लोगों ने पेड़ कटाई की। शेड को गैस कटर से काटकर दबे लोगों को बाहर निकाला गया। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर एसपी घटनास्थल पर पहुंचे रेस्क्यू टीम भी पहुंची टीन के छप्पर और पेड़ को काटकर हटाया गया। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अकोला जिले के पारस स्थित बाबूजी महाराज संस्थान के सभागार में पेड़ गिरने की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये की सहायता देने की भी घोषणा की है। साथ ही ये भी निर्देश दिया। कि सभी घायलों का सरकारी खर्चे पर उपचार किया जाए। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन से जानकारी ली।
